क्या कोरोना के म्यूटेंट वायरस पर भी वैक्सीन का होता है असर? वैज्ञानिक लगाएंगे पता

अब तक, B.1.617 नामक नए वैरिएंट को भारत में दो म्यूटेशन-E484Q और L2NR के साथ खोजा गया है.

अब तक, B.1.617 नामक नए वैरिएंट को भारत में दो म्यूटेशन-E484Q और L2NR के साथ खोजा गया है.

Coronavirus: CCMB के निदेशक डॉक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि उनके अध्ययन का उद्देश्य ये समझना है कि क्या नए वेरिएंट के चलते ही कोरोना के केस में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 1:50 PM IST
  • Share this:
(स्वास्तिका दास)

हैदराबाद. देशभर में इन दिनों हर रोज़ कोरोना (Coronavirus) के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं. पिछले 4 दिनों से हर रोज़ दो लाख से ज्यादा नए केस आए हैं. इस बार कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर डबल म्यूटेंट वाले वायरस के बारे में वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारी नहीं मिली है. ऐसे में हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) ने डिकोडिंग का काम संभाला है. CCMB इस बात का पता लगाएगी कि क्या नए डबल वेरिएंट-B.1.617 के चलते ही कोरोना की दूसरी लहर आई है. इसके अलावा ये भी जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस वैरिएंट पर वैक्सीन का असर होता भी है या नहीं.

वायरस के जेनेटिक को समझने के लिए CCMB नए वायरस का जीनोम सिक्वेंसिंग करेगी. कोई वायरस कैसा है, किस तरह दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से ही मिलती है. CCMB ने इसके लिए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक सहित अलग-अलग राज्यों से सैंपल लिए हैं. इसके नतीजे अगले दो सप्ताह में आने की उम्मीद है.

क्या नए वेरिएंट से केस में हुआ है इज़ाफ़ा?
CCMB के निदेशक डॉक्टर राकेश मिश्रा ने बताया कि उनके अध्ययन का उद्देश्य ये समझना है कि क्या नए वेरिएंट के चलते ही कोरोना के केस में तेज़ी से इज़ाफ़ा हो रहा है. उन्होंने कहा, 'अगर B.1.617 अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है, तो यह समझने के लिए हमारे पास पर्याप्त शोध नहीं है. इसे 'डबल म्यूटेंट' कहना गलत होगा क्योंकि इसमें कथित तौर पर E484Q और L452R के अलावा कई परिवर्तन शामिल हैं.'

जीनोम सीक्वेंस

अब तक, B.1.617 नामक नए वैरिएंट को भारत में दो म्यूटेशन-E484Q और L2NR के साथ खोजा गया है. ये समझना चाहिए कि हर समय वायरस के लिए ये प्राकृतिक है. कुछ परिवर्तन से ये कमजोर पड़ जाते हैं. जबकि अन्य इसे मजबूत करते हैं, जिससे यह तेज़ गति से फैलता है, जैसा कि नए वेरिएंट के साथ हुआ है. महाराष्ट्र में 50% कोविड पॉजिटिव सैंपल जीनोम सीक्वेंस- भारत में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जिसने B.1.167 की मौजूदगी की पुष्टि की है. ये कहां से आई है इसका अभी पता लगाया जा रहा है.



ये भी पढ़ें:- दिल्ली में लॉकडाउन का ऐलान, आज रात 10 बजे से सोमवार सुबह तक रहेंगी पाबंदियां

वैक्सीन का असर

ये भी जानने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस वैरिएंट पर वैक्सीन का असर होता भी है या नहीं. इसके लिए E484Q और L452R को कल्चर किया जाएगा. बता दें कि नए वेरिएंट आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में भी मिले हैं. हालांकि यहां से कोरोना के सिर्फ 10 फीसदी केस आ रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज