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हैदराबाद निकाय चुनाव: पुलिस ने भड़काऊ भाषण को लेकर जारी की चेतावनी, होगी सख्‍त कार्रवाई

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने TRS और एआईएमआईएम पर विवादित कमेंट किए थे. (फाइल फोटो)
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने TRS और एआईएमआईएम पर विवादित कमेंट किए थे. (फाइल फोटो)

Hyderabad Civic Body Election: एक दिसंबर को हैदराबाद निकाय चुनाव में 150 वार्डों में मतदान होना है. पुलिस की ओर से ये चेतावनी बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा प्रचार के दौरान भड़काऊ टिप्‍पणी के बाद सामने आई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 8:50 PM IST
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हैदराबाद. हैदराबाद निकाय चुनाव (Hyderabad Civic Body Election) को लेकर पुलिस (Police) सख्‍त हो गई है. प्रचार अभियान पर पुलिस नजर रखेगी और भड़काऊ एवं कड़वाहट भरे भाषणों पर कार्रवाई की जाएगी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस महानिदेशक महेंद्र रेड्डी ने गुरुवार को एक सुरक्षा बैठक के बाद कहा, 'हमें जानकारी मिली है कि कुछ सांप्रदायिक तत्व परेशानी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. हम सावधानीपूर्वक भाषणों की जांच कर रहे हैं. जो लोग शांति भंग करने की कोशिश करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.' उन्‍होंने कहा कि अगर हम किसी के भाषण में ऐसी गड़बड़ी पाएंगे तो मामले दर्ज किए जाएंगे. एक दिसंबर को हैदराबाद निकाय चुनाव में 150 वार्डों में मतदान होना है. पुलिस की ओर से ये चेतावनी बीजेपी के कुछ नेताओं द्वारा प्रचार के दौरान भड़काऊ टिप्‍पणी के बाद सामने आई है.

दरअसल, बेंगलुरु (दक्षिण) से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने राज्‍य के सत्‍तारूढ़ तेलंगाना राष्‍ट्र समिति (TRS) और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम पर विवादित कमेंट किए थे. इस हफ्ते की शुरुआत में तेजस्‍वी सूर्या पर बिना अनुमति के प्रतिष्ठित उस्मानिया विश्वविद्यालय में प्रवेश करने का भी आरोप लगाया गया है. तेलंगाना के डीजीपी ने बताया कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने अपनी शिकायत में कहा है कि तेजस्वी सूर्या ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बिना अनुमति के रैली आयोजित की. इसके साथ ही एनसीसी गेट को तोड़ते हुए उन्होंने अपने समर्थकों के साथ कैंपस में प्रवेश किया था.

तेलंगाना के डीजीपी ने ऑनलाइन आपत्तिजनक मैसेजों के खिलाफ भी चेतावनी जारी की है. उन्‍होंने कहा कि निकाय चुनाव के लिए 51500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा.



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अकबरुद्दीन ओवैसी ने दिया विवादित बयान; टीआरएस, भाजपा ने निंदा की
एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि क्या हुसैन सागर झील के तट पर बनीं पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और तेदेपा के संस्थापक एनटी रामाराव की 'समाधियां' हटाई जाएंगी. उन्होंने जलाशय के करीब रह रहे 'गरीब लोगों' को हटाने के अभियान पर सवाल उठाते हुए यह बात कही. सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और भाजपा ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी को अनुचित बताया और उनसे माफी मांगने के लिए कहा.

ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के चुनाव के लिए प्रचार के तहत यहां एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए, एआईएमआईएम नेता ने पूछा कि क्या तालाब के पास एक गरीब आदमी के घर को ध्वस्त करने के लिए आने वाले नगर निगम अधिकारियों को दिवंगत नेताओं की समाधियों के साथ ऐसा करने का साहस होगा? उन्होंने दावा किया कि हुसैन सागर झील का किनारा 4,700 एकड़ में फैला था, जब इसे हुसैन शाह वली ने बनवाया था, लेकिन अब यह 700 एकड़ में भी नहीं रह गया है.

उन्होंने कहा, '4,000 एकड़ जमीन कहां गई? नेकलेस रोड बनाया गया है, दुकानें बनाई गई हैं, नरसिम्हा राव, एन टी रामाराव (एनटीआर) की समाधियां हैं, लुम्बिनी पार्क है.' अकबरुद्दीन का नाम लिए बगैर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद बी संजय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा कि क्या उनमें नरसिम्हा राव और एनटीआर की समाधियों को ध्वस्त करने की हिम्मत है.
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