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हैदराबाद गैंगरेप हत्‍या: शमशाबाद थाने के SI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

News18Hindi
Updated: November 30, 2019, 11:49 PM IST
हैदराबाद गैंगरेप हत्‍या: शमशाबाद थाने के SI समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड
डॉक्‍टर से गैंगरेप के मामले में 3 पुलिसकर्मियों को सस्‍पेंड कर दिया गया है.

हैदराबाद में महिला डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या के मामले (Hyderabad Doctor Gang Rape Murder Case) में एक एसआई (SI) समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

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  • Last Updated: November 30, 2019, 11:49 PM IST
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हैदराबाद. शमशाबाद में महिला डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या के मामले (Hyderabad Doctor Gang Rape Murder Case) में लापरवाही बरतने पर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित (Policemen Suspended) कर दिया गया है. पीड़िता के परिजनों ने शिकायत की थी कि घटना की रात एफआईआर (FIR) दर्ज करने के बजाय उन्‍हें काफी देर तक भटकाया गया. उसके बाद विभाग जांच में भी एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही का मामला सामने आया.

इस मामले में शमशाबाद पुलिस स्‍टेशन (Shamshabad Police Station) के एसआई रवि कुमार, राजीव गांधी एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन पर तैनात हेड कांस्टेबल वेणु गोपाल रेड्डी और राजीव गांधी एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन पर तैनात हेड कांस्‍टेबल सत्यनारायण गौड को निलंबित कर दिया गया है.

कार्रवाई में की गई देर
पुलिस ने बताया कि महिला डॉक्‍टर के लापता होने संबंधी मामले में कार्रवाई करने में देर की गई. मामले की विभागीय जांच में पाया गया कि 27-28 नवंबर की दरम्यानी रात इन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती थी. जानकारी मिलने के बाद भी समय से संज्ञान नहीं लिया गया. पीड़ित परिवार को काफी देर तक भटकाया गया.

घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने घटना के बाद काफी समय तक उन्‍हें भटकाती रही. मामला दर्ज करने के नाम के पीड़ित परिवार को काफी देर तक गुमराह किया गया. इस मामला पर पीड़िता की बहन ने कहा था कि अगर पुलिस ने रात में ही मामला दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी होती तो शायद आज उनकी बहन जिंदा होती.



जिस थाने में बंद थे आरोपी उसे भीड़ ने घेरा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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हैदराबाद में शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने उस थाने के बाहर प्रदर्शन किया, जहां डॉक्‍टर से गैंगरेप और हत्‍या के आरोपियों को बंद किया गया था. थाने में बाहर इक्‍ट्ठे होकर सैकड़ों में विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगे. भीड़ को बेकाबू होता देख पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज की.

वहां पर इकट्ठा हुए सैकड़ों लोग आरोपियों को 'कड़ी' सजा देने की मांग कर रहे थे. इनमें से कुछ लोग आरोपियों को मौत की सजा देने की भी मांग कर रहे थे. एक व्‍यक्ति ने कहा, 'अगर उन्हें अदालत ले जाया जाता है तो यह पर्याप्त नहीं होगा. उनसे वैसा ही व्यवहार होना चाहिए जैसा उन्होंने पीड़िता के साथ किया.'

सुबह 9 बजे टोल प्‍लाजा पर पहुंचे थे आरोपी
हैदराबाद डॉकटर के साथ गैंगरेप और हत्‍या के मामले में आज पुलिस ने चारों आरोपियों मोहम्‍मद आरिफ, नवीन, केशावुलु और शिवा को कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्‍हें 14 दिन की न्‍यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ, जांच व तकनीकी सबूतों के आधार पर बताया था कि आरिफ और शिवा बुधवार की सुबह 9 बजे ईंटों से लदा ट्रक लेकर टोल प्‍लाजा पर पहुंचे थे. इसके बाद उन्‍हें वहां अपने दो दोस्‍त मिल गए. शाम 6.15 बजे उन्‍होंने एक महिला को पार्किंग में अपनी स्‍कूटी खड़ी करते हुए देखा. उन्‍होंने तुरंत उसके साथ रेप करने की योजना बनाई. उन्‍होंने ही स्‍कूटी के पिछले पहिए में पंक्‍चर किया. डॉ. प्रीति रात 9 बजे टोल प्‍लाजा पहुंचीं. इसके बाद शिवा ने उनकी मदद करने की पेशकश की. वह स्‍कूटी लेकर चला गया. थोड़ी देर में लौटकर बताया कि दुकान बंद है.

बंद किया था डॉ. प्रीति का फोन
डॉ. प्रीति ने इसी समय अपनी बहन को फोन लगाया और डर लगने की बात कही. इसके कुछ ही मिनट बाद आरोपी उन्‍हें खींचकर नजदीक के एक कंपाउंड में ले गए. इसके बाद चारों ने उनके साथ रेप किया. उन्‍होंने 9:45 बजे डॉ. प्रीति का फोन बंद कर दिया. इसके बाद 10.20 बजे तक डॉ. प्रीति की हत्‍या कर दी. फिर शव को ट्रक में रखकर रात 10.28 बजे टोल प्‍लाजा से चले गए. आरिफ और नवीन ने स्‍कूटी ले जाकर कोथूर गांव के पास फेंक दिए. उन्‍होंने देर रात 1 बजे कई जगह से पेट्रोल खरीदने की कोशिश की. इसके बाद चटानपल्‍ली के नजदीक एक अंडरपास में शव को आग के हवाले कर दिया.



तकनीकी सबूतों की मदद से पकड़े गए आरोपी
इसके बाद चारों शहर वापस लौटे और अत्‍तापुर में ईंटें उतारीं और चारों अलग हो गए. साइबराबाद पुलिस के कमिश्‍नर वीसी सज्‍जनार ने कहा कि तकनीकी सबूतों की मदद से उन्‍हें पकड़ा जा सका. डॉ. प्रीति की मां ने दोषियों को सबके सामने जिंदा जलाने की मांग की है. साथ ही परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस उन्‍हें एक से दूसरे थाने नहीं दौड़ती तो उसे बचाया जा सकता था. राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने हैदराबाद पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है. पुलिस कमिश्‍नर सज्‍जनार ने बताया कि आरोपियों ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया था. परिजनों के मुताबिक, डॉ. प्रीति 27 नवंबर की शाम 5:50 बजे शमशाबाद से गचीबावली के ओलिवा क्‍लीनिक गई थीं. इसके बाद उनके साथ हादसा हुआ.

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First published: November 30, 2019, 10:25 PM IST
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