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हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व जज से करा सकती है मामले की जांच

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 2:22 PM IST
हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पूर्व जज से करा सकती है मामले की जांच
शुक्रवार को चारों आरोपी एनकाउंटर में मारे गए थे.

हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराते हुए चारों आरोपियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है, जिसके बाद सीएम के चंद्रशेखर राव ने एसआईटी के गठन को मंजूरी दी थी. रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत की अध्यक्षता में बनी यह टीम एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 2:22 PM IST
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नई दिल्ली. हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या (Hyderabad Gang Rape Murder) के सभी आरोपियों के एनकाउंटर (Police Encounter) में मारे जाने की जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह इस घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है.

चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, 'हम इस तथ्य को जानते हैं कि तेलंगाना हाईकोर्ट ने इस घटना का संज्ञान लिया है.' बेंच ने कहा कि शीर्ष अदालत सिर्फ यही चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली में रहने वाले किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच करनी चाहिए.

बेंच ने कहा, 'हमारा प्रस्ताव शीर्ष अदालत के किसी पूर्व न्यायाधीश को इस मामले की जांच के लिए नियुक्त करने का है.' इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस घटना की जांच करने वाले पूर्व न्यायाधीश को दिल्ली में रहकर काम करना होगा.

वहीं तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अधिवक्ता कृषांक कमार सिंह ने कहा कि उन्होंने मुठभेड़ के मामले में शीर्ष अदालत की तरफ प्रतिपादित निर्देशों का पालन किया है और सारे मामले को पहले ही राज्य सीआईडी के सुपुर्द कर दिया है.

बता दें कि शुक्रवार की सुबह हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर के सभी चार आरोपी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे, जिसके बाद से हैदराबाद पुलिस पर कई सवाल उठ रहे हैं. हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराते हुए चारों आरोपियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है, जिसके बाद सीएम के चंद्रशेखर राव ने एसआईटी के गठन को मंजूरी दी थी. रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत की अध्यक्षता में बनी यह टीम एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.



राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय
इस मामले को लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है. एनएचआरसी ने कथित मुठभेड़ में चार आरोपियों के मारे जाने पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे. बीते शनिवार को एनएचआरसी की टीम ने हैदराबाद पहुंचकर जांच भी की थी. साथ ही एनएचआरसी की टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया, जहां चारों आरोपियों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद रखे गए हैं

ENCOUNTER
एनकाउंटर साइट पर लोगों ने बरसाए थे फूल.


ये है पूरा मामला?
दरअसल, 27 नवंबर को हैदराबाद की एक वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी और लाश को पेट्रोल से जलाकर नाले के पास फेंक दिया गया था. पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने इन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. शुक्रवार तड़के 5:45 बजे हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर चटनपल्ली में एक पुलिस मुठभेड़ में ये सभी आरोपी मार गिराए गए.

शमशाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने बताया, 'साइबराबाद पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन री-क्रिएट करने के लिए लाई थी, ताकि घटना से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके. इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीन लिए और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें आरोपियों की मौत हो गई.' (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: December 11, 2019, 1:23 PM IST
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