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हैदराबाद गैंगरेप: परिवार का दावा- नाबालिग थे 2 आरोपी, पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला

News18Hindi
Updated: December 10, 2019, 1:36 PM IST
हैदराबाद गैंगरेप: परिवार का दावा- नाबालिग थे 2 आरोपी, पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार डाला
इसी जगह पर हुआ था चारों आरोपियों का एनकाउंटर.

हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और मर्डर (Hyderabad Gang Raped Murder) के चारों आरोपियों के बीते शुक्रवार को एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. राज्य सरकार ने इस एनकाउंटर (Police Encounter) की जांच के लिए एसआईटी बनाई है. अब आरोपियों के परिजनों ने नए दावे किए हैं.

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  • Last Updated: December 10, 2019, 1:36 PM IST
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हैदराबाद. वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या (Hyderabad Gangrape Murder) के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों के एनकाउंटर की जांच के लिए स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है. इस बीच दो आरोपियों के नाबालिग होने का दावा किया गया है. आरोपी जे नवीन और चेनाकेशवुलु के परिवार का दावा है कि ये दोनों नाबालिग थे और पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में इन्हें मार डाला.

अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, बीते शुक्रवार पुलिस एनकाउंटर में मारे गए वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप और मर्डर के आरोपी जे नवीन, जे शिवा, चेनाकेशवुलु और मोहम्मद अरिफ नारायणपेट जिले के गुडिगंडला व जकलैर गांव के रहने वाले थे. इनमें से जे नवीन की मां का कहना है, 'वो मेरा इकलौता बेटा था. जब उसे मारा गया, तब वो 17 साल का था. उसका जन्म 2002 में हुआ था. वह चिन्नापोरमा स्कूल में पढ़ता था, लेकिन कुछ साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी. हमें जल्द ही स्कूल से लीविंग सर्टिफिकेट मिल जाएगा, जिससे ये साबित हो जाएगा कि एनकाउंटर के वक्त वो नाबालिग था.'

वहीं, एक अन्य आरोपी चेनाकेशवुलु के पिता ने भी यही दावा किया है. उनका कहना है, 'पुलिस मेरे बेटे को यह कहकर ले गई कि अगले दिन सुबह 6 बजे वापस छोड़ देगी, लेकिन इसके बाद उसका फोन छीन लिया गया. पुलिस ने मेरे 17 साल के बेटे को मार दिया और उसके हाथ में एक बंदूक रख दी.'

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एनकाउंटर साइट पर लोगों ने बरसाए थे फूल.


रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी जे शिवा के पिता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों को बयान दिया है. इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें शक है कि पुलिस ने उनके बेटे को एक फेक एनकाउंटर में मारा है. उन्होंने कहा, 'वह हथियारबंद पुलिस के सामने से भागने की कोशिश कैसे कर सकते हैं? हमें शक है कि उन्हें एक फेक एनकाउंटर में मारा गया है. अगर मेरे बेटे ने अपराध किया भी हो, तो भी पुलिस को उसे कोर्ट को सौंप देना चाहिए था.'

एसआईटी टीम कर रही है जांच
हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराते हुए चारों आरोपियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया गया है, जिसके बाद सीएम के चंद्रशेखर राव ने एसआईटी के गठन को मंजूरी दी थी. रचकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश एम भागवत की अध्यक्षता में बनी यह टीम एनकाउंटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. एसआईटी टीम के सदस्य इस केस से जुड़े गवाहों की पहचान करेंगे और उनका बयान लेंगे. एसआईटी टीम एनकाउंटर की कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम से भी पूछताछ करेगी.
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इस जगह पर मिली थी महिला डॉक्टर की अधजली लाश.


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय
इस मामले को लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है. एनएचआरसी ने कथित मुठभेड़ में चार आरोपियों के मारे जाने पर संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जांच के आदेश दिए थे. शनिवार को एनएचआरसी की टीम ने हैदराबाद पहुंचकर जांच की. साथ ही एनएचआरसी की टीम ने महबूबनगर के सरकारी अस्पताल का भी दौरा किया, जहां चारों आरोपियों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद रखे गए हैं

ये है पूरा मामला?
दरअसल, 27 नवंबर को हैदराबाद की एक वेटनरी डॉक्टर से गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी और लाश को पेट्रोल से जलाकर नाले के पास फेंक दिया गया था. पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, शिवा और चेन्नाकेशावुलू शादनगर को गिरफ्तार किया. कोर्ट ने इन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. शुक्रवार तड़के 5:45 बजे हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर चटनपल्ली में एक पुलिस मुठभेड़ में ये सभी आरोपी मार गिराए गए.

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हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपी.


शमशाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी ने बताया, 'साइबराबाद पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन री-क्रिएट करने के लिए लाई थी, ताकि घटना से जुड़ी कड़ियों को जोड़ा जा सके. इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस से हथियार छीन लिए और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें आरोपियों की मौत हो गई.'

एनकाउंटर से आरोपियों के परिवारवाले भी हैरान
गैंगरेप और हत्या के चारों आरोपियों के परिवार कथित पुलिस मुठभेड़ में अपने परिजन के मारे जाने की खबर पाकर स्तब्ध रह गए. मुख्य आरोपी मोहम्मद आरिफ की मां हैराक थी और उसने बस इतना कहा कि मेरा बेटा नहीं रहा. आरिफ के पिता ने पहले कहा था कि उसके बेटे ने अगर गुनाह किया है तो वह कड़ी से कड़ी सजा का हकदार है. वहीं, एक दूसरे आरोपी चेन्नकेशावुलू की पत्नी ने कहा कि पुलिस को उसे भी मार देना चाहिए, क्योंकि पति की मौत के बाद उसके लिए कुछ बचा नहीं है.

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First published: December 10, 2019, 12:44 PM IST
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