मैं कोबरा हूं, 'हरे कृष्ण हरे हरे, BJP घरे घरे' से लेकर 'खेला होबे' तक बंगाल में खूब गूंजे ये नारे

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कई नारे लोगों के बीच खूब गूंजे हैं. (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कई नारे लोगों के बीच खूब गूंजे हैं. (फाइल फोटो)

पूरे चुनाव के दौरान मुख्य लड़ाई भी बीजेपी-टीएमसी (BJP-TMC) के बीच ही दिख रही थी. लंबे चुनाव प्रचार के दोनों पार्टियों के तरफ से कई ऐसे वक्तव्य (Statements) और नारे (Slogans) दिए गए जिनकी खूब चर्चा हुई.

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कोलकाता. पश्चिम चुनाव (West Bengal) में आज मतगणना जारी है और तृणूमल कांग्रेस (TMC) एक बार फिर सत्ता पर काबिज होती दिख रही है. राज्य के मुख्य विपक्षी दल के तौर पर बीजेपी उभरी है. पूरे चुनाव के दौरान मुख्य लड़ाई भी इन दोनों दलों के बीच ही दिख रही थी. लंबे चुनाव प्रचार के दौनों पार्टियों के तरफ से कई ऐसे वक्तव्य (Statements) और नारे (Slogans) दिए गए जिनकी खूब चर्चा हुई.

सिने अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को कोबरा कहकर सबको चौंका दिया था. पश्चिम बंगाल में बेहद लोकप्रिय मिथुन ने कहा था-मैं असली कोबरा हूं. डसूंगा तो तुम फोटो बन जाओगे. मैं जोलधरा सांप नहीं हूं, बेलेबोरा सांप भी नहीं, मैं कोबरा हूं. एक बाइट में ही काम तमाम कर दूंगा.

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बीजेपी का नारा बन गया-'हरे कृष्ण हरे हरे, बीजेपी घरे घरे'
दिसंबर 2020 में तृणमूल छोड़कर बीजेपी का दामन थामने वाले शुभेंदू अधिकारी ने अपनी पहली ही रैली में एक नारा दिया जो वैष्णव समुदाय से ताल्लुक रखता है. ये नारा अब बीजेपी की सिग्नेचर स्टाइल गया. नारा है-'हरे कृष्ण हरे हरे, बीजेपी घरे घरे'. हरे कृष्ण हरे हरे भजन के रचयिता संत चैतन्य महाप्रभु को याद करते हुए शुभेंदू अधिकारी ने कहा था कि हम पुरुषोत्तम राम और श्री चैतन्य दोनों में श्रद्धा रखते हैं. महज कुछ दिनों के भीतर ये नारा इतना मशहूर गया कि शुभेंदू अधिकारी रैलियों में सिर्फ हरे कृष्ण हरे हरे कहते और बाकी का वाक्य जनता पूरा कर देती.

हर तरफ सुनाई दिया खेला होबे

इसी तरह टीएमसी के बीरभूम जिले के अध्यक्ष अनब्रत मंडल अपने सिर्फ दो शब्दों की वजह से सुर्खियां बटोरीं. 31 जनवरी को अपनी एक रैली में उन्होंने 'खेला होबे' का इस्तेमाल किया. इसके बाद ये दो शब्द खूब सुनाई दिए. खेला होबे' की चर्चा लगभग हर व्‍यक्ति की जुबान पर है. इस नारे को ममता बनर्जी ने भी खूब उछाला है. इस गाने को लिखा है 25 साल के देबांग्‍शु भट्टाचार्य ने. वह टीएमसी के राज्‍य प्रवक्‍ता हैं. तृणमूल कांग्रेस के नेता देबांग्शु भट्टाचार्य ने जनवरी में मूल रूप से यह गीत लिखा था और यूट्यूब पर अपलोड किया था. तबसे इस गीत में अनेक बदलाव देखे गए. सबसे पहले पार्टी के बीरभूम के नेता अणुब्रत मंडल ने एक रैली में इसे नए बोल देते हुए ‘भयंकर खेला होबे’ लिखा.



दो मई, दीदी गई और टीएमसी के गद्दारों...जैसे नारे

इसके अलावा गायक नचिकेता चक्रवर्ती के एक गाने को लेकर भी सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचा. दरअसल ममता के करीबियों में शुमार किए जाने वाले नचिकेता के इस गाने में दलबदलू नेताओं को निशाना बनाया गया था. बीजेपी की तरफ जो नारे सबसे ज्यादा मशहूर हुए उसमें 'दो मई, दीदी गई' भी था.
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