अपना शहर चुनें

States

सुवेंदु अधिकारी ने कहा- मैं बंगाल और भारत का बेटा, हमेशा लोगों के लिए लड़ता रहूंगा

अधिकारी को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, माना जाता है कि वह संगठन में बदलाव और अभिषेक बनर्जी एवं प्रशांत किशोर की पार्टी में बढ़ते कद से नाखुश हैं.(फाइल फोटो)
अधिकारी को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, माना जाता है कि वह संगठन में बदलाव और अभिषेक बनर्जी एवं प्रशांत किशोर की पार्टी में बढ़ते कद से नाखुश हैं.(फाइल फोटो)

West Bengal Assembly Elections: अधिकारी को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, माना जाता है कि वह संगठन में बदलाव और अभिषेक बनर्जी एवं प्रशांत किशोर की पार्टी में बढ़ते कद से नाखुश हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 5:59 PM IST
  • Share this:
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) से इस्तीफा दे चुके सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने कहा है कि वह बंगाल के लोगों के लिए लड़ते रहेंगे. सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि मेरी पहचान पश्चिम बंगाल (West Bengal) और भारत के बेटे की है. मैं हमेशा बंगाल के लोगों के लिए लड़ता रहूंगा. सुवेंदु अधिकारी ने 27 नवंबर को राज्य के परिवहन मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. अधिकारी के इस्तीफे के बाद ऐसी अटकलें थीं कि वह बीजेपी (BJP) जॉइन कर सकते हैं लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया था कि मंगलवार को पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी, सौगत रॉय और सुदीप बंदोपाध्याय के अलावा चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद सभी मतभेद दूर हो गए हैं. हालांकि अधिकारी ने इस दावे से नाराजगी जताई थी.

अधिकारी के करीबी लोगों ने पार्टी नेतृत्व से उनके सुलह होने के दावे को ‘गलत’ करार दिया. उन्होंने बुधवार को कहा कि अधिकारी की नाराजगी कायम है क्योंकि उनकी शिकायतों को दूर नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि अधिकारी भारी जनाधार वाले प्रभावशाली नेता हैं, जिन्होंने राज्य मंत्रिमंडल और अन्य पदों से इस्तीफा दे दिया था, जो कुछ दिन पहले तक उनके पास थे. करीबियों ने बताया कि अधिकारी इस बात पर कायम हैं कि उनके लिए पार्टी के साथ काम करना ‘मुश्किल’ है.

सूत्रों ने बताया कि अधिकारी पर्दे के पीछे हुई बैठक में क्या बात हुई, वह मीडिया में लीक नहीं करना चाहते हैं. तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि अधिकारी ने पार्टी नेतृत्व को संदेश दिया है, "उनके लिए पार्टी के साथ मिलकर काम करना मुश्किल होगा क्योंकि नेताओं ने उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं का समाधान किए बिना और उन्हें बोलने का मौका दिए बिना मीडिया में झूठे दावे किए हैं."



इस बात से नाराज हैं अधिकारी
अधिकारी को मनाने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, माना जाता है कि वह संगठन में बदलाव और अभिषेक बनर्जी एवं प्रशांत किशोर की पार्टी में बढ़ते कद से नाखुश हैं. कई मौकों पर पार्टी नेतृत्व के प्रति शिकायतों का इजहार कर चुके असंतुष्ट विधायक अधिकारी पूर्वी मेदिनीपुर जिले के शक्तिशाली अधिकारी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिव्येंदु अधिकारी क्रमश: तामलुक और कंठी लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं.

अधिकारी का पश्चिमी मेदिनीपुर, बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और बीरभूम के कुछ हिस्सों और अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले के अंतर्गत आने वाली 40-45 विधानसभा सीटों पर खासा प्रभाव है.

गौरतलब है कि राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अगले वर्ष अप्रैल-मई में चुनाव होना है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज