अल्पसंख्यक समुदाय से अपील, फैमिली प्लानिंग करें: हेमंत बिस्व सरमा

हिमंता बिस्वा सरमा (फ़ाइल फोटो)

हिमंता बिस्वा सरमा (फ़ाइल फोटो)

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा है-जनसंख्या दबाव कम करने के लिए हम अल्पसंख्यक समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं जिससे सामाजिक मुश्किलों को दूर किया जा सके. मैं फैमिली प्लानिंग को प्रमोट करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करूंगा.

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  • Last Updated: June 10, 2021, 10:25 PM IST
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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने अल्पसंख्यक समुदाय से फैमिली प्लानिंग (Family Planning) अपनाने की अपील की है. उन्होंने कहा है-जनसंख्या दबाव कम करने के लिए हम अल्पसंख्यक समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं जिससे गरीबी जैसी सामाजिक मुश्किलों को दूर किया जा सके. मैं फैमिली प्लानिंग को प्रमोट करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करूंगा.

करीब एक महीने पहले असम में सीएम का पदभार ग्रहण करने वाले हेमंत बिस्व सरमा चुनाव प्रचार के दौरान भी अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े वक्तव्य देते रहे हैं. वो लगातार मदरसों को सामान्य स्कूलों की तरह चलाने की वकालत करते रहे हैं. उन्होंने कहा था-आखिर मदरसा क्यों चाहिए? हम स्कूल-कॉलेज देंगे, आप बच्चों को डॉक्टर-इंजीनियर बनाओ.

बीते साल हुआ था फैसला

बीते साल दिसंबर महीने में राज्य में सरकारी मदरसों और संस्कृत स्कूलों को बंद करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दी गई थी. तब शिक्षा मंत्री रहे हेमंत ने कहा था कि असम में मदरसे अन्य सामान्य शिक्षण संस्थान की तरह काम करेंगे. उन्होंने कहा था कि हमारी कैबिनेट ने शिक्षा को सेकुलर बनाने का फैसला किया. असम में 198 उच्च मदरसा और 542 अन्य मदरसे किसी अन्य सामान्य शिक्षण संस्थान की तरह काम करेंगे और छात्रों को धर्मशास्त्र स्टडी में एडमिशन नहीं दिया जाएगा.
बता दें असम में सीएनए/एनआरसी को लेकर भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए थे. कांग्रेस ने इसे चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा मुद्दा बनाया हुआ था. पार्टी ने पूरे राज्य में अभियान चलाकर एक लाख से ज्यादा असमिया गमछों पर सीएए विरोधी संदेश लिखवाए थे.

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