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उद्धव ठाकरे का राज ठाकरे पर कटाक्ष, कहा- मेरा रंग भी भगवा और अंतरंग भी भगवा

News18Hindi
Updated: January 24, 2020, 10:21 AM IST
उद्धव ठाकरे का राज ठाकरे पर कटाक्ष, कहा- मेरा रंग भी भगवा और अंतरंग भी भगवा
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा, मैंने हिदुत्व को नहीं छोड़ा है और ना ही अपना झंड़ा बदला है. भगवा से मेरा साथ कभी नही छुट सकता, मेरा रंग भी भगवा है और अंतरंग भी भगवा है.

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  • Last Updated: January 24, 2020, 10:21 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे Uddhav Thackeray) ने बाला साहेब ठाकरे के जन्मदिन पर गुरुवार को मुंबई में एक सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अपने चचेरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) पर तंज भी कसे. उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है. हमने अपना भगवा झंडा नहीं बदला. मेरा रंग अंदर और बाहर दोनों समान है. बता दें कि बाल ठाकरे के जन्मदिन पर राज ठाकरे ने अपनी पार्टी का झंडा बदलकर भगवा कर दिया है.

बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में आयोजित वचनपूर्ति समारोह में शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि भगवा से मेरा साथ कभी नहीं छुट सकता, मेरा रंग भी भगवा है और अंतरंग भी भगवा है. उद्धव ने कहा महाराष्ट्र में भगवा लहराए यह बालासाहेब ठाकरे का सपना है जिसे वो पूरा करेंगे.

कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे, रश्मि ठाकरे और आदित्य ठाकरे एक साथ मंच पर नजर आए. रश्मि ठाकरे ने बालासाहेब के साथ शिवसेना पार्टी को बनाने में सहयोग करने वाले महिला कार्यकर्ताओ को सम्मनित किया.

शिव सेना ने बनाई एक बार फिर सरकार

20 साल बाद NCP और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने वाली शिवसेना ने राज्य में अपनी सरकार बनाई है. उद्धव ठाकरे महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार में मुख्‍यमंत्री हैं. उधर, पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात के बाद यह भी कहा जा रहा है कि महाराष्‍ट्र में बीजेपी-मनसे ने हाथ मिला लिया है. शिवसेना से नाता तोड़ने के बाद राज ठाकरे ने पहली बार बाल ठाकरे की जयंती पर कार्यक्रम किया.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की पार्टी शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भाजपा (BJP) को रोकने के लिए मिलकर सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया था. शिवसेना ने उन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे प्रस्ताव की उस समय कोई अहमियत नहीं थी. शिवसेना ने यह भी कहा कि कांग्रेस और राकांपा के साथ पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद गठन भी इसलिए हुआ, क्योंकि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने भाजपा की राजनीतिक साजिश सफल नहीं होने दी.

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First published: January 24, 2020, 9:37 AM IST
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