नुसरत जहां बोलीं- पहले भी कहा जाता था कि मैंने धर्म बदल लिया है, मैं मुस्लिम हूं और वही रहूंगी

भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने को लेकर नुसरत जहां ने कहा- मैं हर साल रथ खींचती थी, तब कहा जाता था कि मैंने धर्म बदल लिया है अब पति के साथ आरती करती हूं तो कहते हैं कि हिंदू के शादी की है हालांकि मैं इन बातों पर ध्यान नहीं देती हूं.

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 5:20 PM IST
नुसरत जहां बोलीं- पहले भी कहा जाता था कि मैंने धर्म बदल लिया है, मैं मुस्लिम हूं और वही रहूंगी
भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने को लेकर नुसरत जहां ने कहा- मैं हर साल रथ खींचती थी, तब कहा जाता था कि मैंने धर्म बदल लिया है अब पति के साथ आरती करती हूं तो कहते हैं कि हिंदू के शादी की है हालांकि मैं इन बातों पर ध्यान नहीं देती हूं.
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Updated: July 14, 2019, 5:20 PM IST
लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीट से जीत दर्ज कर तृणमूल कांग्रेस से सांसद बनी नुसरत जहां शुरुआत से ही सुर्खियों में हैं. पहली बार संसद पहुंचने पर अपने कपड़ों को लेकर ट्रोल हुईं नुसरत शादी करके दोबारा शपथ लेने पहुंची.

नुरसत जहां शपथ लेने के लिए साड़ी पहनकर, सिंदूर लगाकर संसद में पहुंचीं. इसके बाद से ही इसे लेकर काफी हंगामा हुआ जिसे लेकर नुसरत जहां ने मीडिया के सामने कई बार बयान भी दिए. वहीं नुसरत ने एक ट्वीट के ज़रिए भी कहा था कि वह अपने कपड़ों को लेकर कोई सफाई नहीं देंगी.



सिर्फ 10 प्रतिशत लोग कर रहे हैं मेरा विरोध
हाल ही में उन्होंने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में सिंदूर और वंदे मातरम् को लेकर कहा कि समाज के विरोध को लेकर कहा कि मैं ये सब नहीं सोचती हूं नेगेटिव सोच के सिर्फ 10 प्रतिशत लोग हैं. बाकी के 90 प्रतिशत लोग मेरे साथ हैं और मुझे लेकर अच्छी बातें कर रहे हैं.



धर्म और राजनीति अलग-अलग हैं
धर्म से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि धर्म और राजनीति दोनों अलग-अलग हैं इन्हें साथ नहीं रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म विश्वास है और जो दिल से महसूस हो वह धर्म है और जो दिमाग से महसूस हो वह धर्म नहीं है.
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फिल्म से राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं यहां पर अभी नई हूं मैं यहां किसी को कुछ सिखाने नहीं बल्कि खुद सीखने आई हूं. ज़ायरा वसीम के बॉलीवुड छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी, मैं राजनीति से दूर होने नहीं आई हूं. मैं समाज की भलाई के लिए शूटिंग, घर, परिवार सब छोड़कर आई हूं. मेरे वापस लौटने का सवाल ही नहीं है.

पहले भी लोग कहते थे मैंने धर्म बदल लिया है
भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने को लेकर नुसरत जहां ने कहा- मैं हर साल रथ खींचती थी, तब कहा जाता था कि मैंने धर्म बदल लिया है अब पति के साथ आरती करती हूं तो कहते हैं कि हिंदू के शादी की है हालांकि मैं इन बातों पर ध्यान नहीं देती हूं. मॉब लिंचिंग के सवाल पर नुसरत ने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ ऐसा हो रहा है जिससे भरोसा डगमगाता है.

nusrat jahan, nikhil jain
पति निखिल जैन के साथ नुसरत जहां


खुद की लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है
बंगाल में लगातार जारी जातिगत हिंसा को लेकर नुसरत जहां ने कहा है कि बंगाल के लोग जाति-धर्म से ऊपर सोचते हैं. वह साथ-साथ दुर्गा पूजा और ईद मनाते हैं. रामनवमी यात्रा वाले दिन मोहर्रम की ताजिया निकलती है.

अपने खिलाफ जारी फतवे के बारे में नुसरत जहां ने कहा कि मेरे खिलाफ कोई फतवा जारी नहीं हुआ. वह इस पर विचार कर रहे होंगे लेकिन फिर शायद उनकी सोच बदल गई. उन्होंने कहा कि खुद की लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है. मेरे नाम का मतलब है फतह और फतह करने के लिए लड़ाई लड़ती पड़ती है. कोई मुझसे मेरा धर्म नहीं छीन सकता मैं मुस्लिम हूं और आखिर तक मुस्लिम ही रहूंगी. मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं मैंने हिंदू से शादी की है और मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई हर्ज है.

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