चीन को सर्दियों में भी LAC पर मुंहतोड़ जवाब, लद्दाख में हजारों फीट ऊंचे एयरबेस पर सामान लेकर उतरा ग्लोबमास्टर

लद्दाख में भारी तनाव के बीच LAC पर सर्दियों में भी चीन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब (ANI)
लद्दाख में भारी तनाव के बीच LAC पर सर्दियों में भी चीन को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब (ANI)

India China Face Off: भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्‍लोबमास्‍टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट लद्दाख के लेह एयरबेस पर जवानों के लिए आवश्‍यक सामान पहुंचा रहा है. वहीं भारतीय वायुसेना का चिनूक हेलीकॉप्‍टर भी लेह एयरबेस पर रक्षा और भीषण सर्दी में बचाव के लिए गर्म रखने वाले उपकरण पहुंचा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 6:15 PM IST
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नई दिल्‍ली. चीन (China) से भारी तनाव के बीच भारतीय सेना (Indian Army) आगामी सर्दी के मौसम में भी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा/एलएसी (LAC) पर डटे रहने के लिए पूरी तरह से तैयार है. इसी के तहत भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्‍लोबमास्‍टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट लद्दाख के लेह एयरबेस पर जवानों के लिए आवश्‍यक सामान पहुंचा रहा है. वहीं भारतीय वायुसेना का चिनूक हेलीकॉप्‍टर भी लेह एयरबेस पर रक्षा और भीषण सर्दी में बचाव के लिए गर्म रखने वाले उपकरण पहुंचा रहा है. न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने इससे संबंधित एक वीडियो जारी करके यह जानकारी दी है. ऐसा कहा जा रहा है कि कपड़े और टेंट से लेकर राशन, ईंधन और गोला बारूद जैसे सभी आवश्यक सामान पर्याप्त मात्रा में सेना की अग्रिम चौकियों तक पहुंचा दिए गए हैं.

किसी भी चुनौती से निपटने के लिये वायुसेना अच्छी स्थिति में: वायुसेना प्रमुख भदौरिया
वायुसेना प्रमुख आर के एस भदौरिया ने चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में चल रहे गतिरोध के संदर्भ में अभी कुछ दिन पहले कहा कि किसी भी खतरे का सामना करने के लिये भारतीय वायुसेना बेहद 'अच्छी स्थिति' में है और देश के सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए सभी प्रासंगिक क्षेत्रों में काफी मजबूत तैनाती की गई है. वायुसेना दिवस (आठ अक्टूबर) से पहले एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भदौरिया ने कहा कि चीनी वायुशक्ति भारत की क्षमताओं से बेहतर नहीं हो सकती, लेकिन इसके साथ ही यह भी जोड़ा कि विरोधियों को कमतर आंकने का कोई सवाल नहीं.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति बनती है तो उत्तरी और पश्चिमी सीमा के दो मोर्चों पर भारतीय वायुसेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिये तैयार है. पूर्वी लद्दाख में स्थिति और क्षेत्र में चीन से संभावित खतरे के बारे में पूछे जाने पर वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'आश्वस्त रहिये, किसी भी चुनौती से निपटने के लिये हमने मजबूत तैनाती की है.' उन्होंने कहा, 'हमनें सभी प्रासंगिक क्षेत्रों में तैनाती की है, लद्दाख एक छोटा हिस्सा है.' एयर चीफ मार्शल ने कहा कि उत्तरी सीमा पर किसी भी कार्रवाई से निपटने के लिये भारतीय वायुसेना 'काफी अच्छी स्थिति' में है. उन्होंने कहा कि राफेल विमानों के वायुसेना में शामिल होने के हमें संचालनात्मक बढ़त मिली है.




भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पांच महीने से गतिरोध बना हुआ है जिससे दोनों के रिश्तों में महत्वपूर्ण रूप से तनाव आया है. विवाद के हल के लिये दोनों पक्षों ने कई दौर की कूटनीतिक और सैन्य वार्ता की हैं. हालांकि गतिरोध को दूर करने में कोई कामयाबी नहीं मिली. दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच 12 अक्टूबर को एक और दौर की बातचीत होनी है जिसका एजेंडा खास तौर पर विवाद वाले बिंदुओं से सैनिकों की वापसी की रूपरेखा तय करना है. किसी भी चुनौती से निपटने के लिये भारत ने पहले ही ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में हजारों सैनिकों और सैन्य साजो-सामान की तैनाती की है.

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भारतीय वायुसेना ने भी पूर्वी लद्दाख और वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे अन्य स्थानों पर सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर और मिराज 2000 जैसे अपनी अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को पहले ही तैनात कर रखा है. हाल में वायुसेना के बड़े में शामिल किये गए पांच राफेल लड़ाकू विमान भी पूर्वी लद्दाख में नियमित रूप से उड़ान भर रहे हैं.

वायुसेना रात में भी पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में युद्धक हवाई गश्त कर रही है जिससे चीन को यह संदेश दिया जा सके कि वह इस पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिये तैयार है. दोनों देशों के बीच 21 सितंबर को हुई आखिरी सैन्य वार्ता के दौरान दोनों सेनाओं ने सीमा पर और सैनिकों को नहीं भेजने, जमीनी स्तर पर एकपक्षीय तौर पर स्थिति को बदलने से बचने और मामले को और जटिल बनाने वाले किसी भी कदम से बचने जैसे उपायों की घोषणा की थी. (भाषा इनपुट के साथ)
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