राफेल फाइटर जेट की दूसरी स्क्वाड्रन की तैनाती जुलाई के अंत तक, पूर्वी सीमा की करेगी हिफाजत

भारत ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए फ्रांस से सौदा किया था. (पीटीआई फाइल फोटो)

IAF Rafale Aircraft News: वर्तमान में आईएएफ के पास लगभग 25 राफेल विमान हैं और शेष विमान 2022 तक आने की उम्मीद है.

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    नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के जुलाई के अंत तक राफेल लड़ाकू विमान की दूसरी स्क्वाड्रन का संचालन करने की संभावना है और इसे पश्चिम बंगाल के हाशिमारा वायुसेना अड्डे पर तैनात किया जायेगा. राफेल विमानों की पहली स्क्वाड्रन हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर तैनात है. भारत द्वारा लगभग 59,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग चार साल बाद, अत्याधुनिक पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को भारत पहुंची थी.


    वर्तमान में आईएएफ के पास लगभग 25 राफेल विमान हैं और शेष विमान 2022 तक आने की उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि पहली स्क्वाड्रन पाकिस्तान से लगती पश्चिमी सीमा और उत्तरी सीमा की निगरानी करेगी. दूसरी स्क्वाड्रन भारत के पूर्वी सीमा क्षेत्र की निगरानी करेगी.


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    फ्रांस द्वारा निर्मित बहु भूमिका वाले पांच राफेल लड़ाकू विमानों को पिछले साल 10 सितम्बर को अंबाला में हुए एक समारोह में भारतीय वायु सेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था.




    भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि राफेल की दूसरी स्क्वाड्रन को जुलाई के अंत तक हाशिमारा में अगले मुख्य परिचालन अड्डे पर संचालित किया जाएगा. एक स्क्वाड्रन में लगभग 18 विमान होते हैं.

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