कर्नाटक के आईएएस अफसर शशिकांत सेंथिल ने दिया इस्‍तीफा, लोकतंत्र पर संकट को बताया कारण

शशिकांत सेंथिल ने कहा, जब गलत तरीके से लोकतांत्रिक संस्थानों को दबाया जा रहा हो, तो मैं सिविल सर्विस में रहना अनैतिक समझता हूं. वह कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ की आत्महत्या मामले की जांच कर रहे थे.

News18Hindi
Updated: September 6, 2019, 4:41 PM IST
कर्नाटक के आईएएस अफसर शशिकांत सेंथिल ने दिया इस्‍तीफा, लोकतंत्र पर संकट को बताया कारण
सेंथिल ने कहा, जब गलत तरीके से लोकतांत्रिक संस्थानों को दबाया जा रहा हो, तो मैं सिविल सर्विस में रहना अनैतिक समझता हूं.
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Updated: September 6, 2019, 4:41 PM IST
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के आईएएस अफसर (IAS Officer) एस. शशिकांत सेंथिल ने सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है. शशिकांत सेंथिल दक्षिण कन्नड़ जिले में डिप्टी कमिश्नर (Deputy Commissioner) के तौर पर तैनात थे. उन्होंने कहा कि जब गलत तरीके से लोकतांत्रिक संस्थानों को दबाया जा रहा हो, तो मैं सिविल सर्विस (Civil Services) में रहना अनैतिक समझता हूं. उनसे पहले अगस्त में आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथ (K. Gopinath) ने कश्मीर मसले (Kashmir Issue) पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

CCD के मालिक सिद्धार्थ की आत्‍महत्‍या के मामले की कर रहे थे जांच
सेंथिल एसएम कृष्णा के दामाद और कैफे कॉफी डे (CCD) के मालिक वीजी सिद्धार्थ (VG Siddharth) की आत्महत्या मामले की जांच कर रहे थे. शशिकांत पिछले हफ्ते से छुट्टी पर थे. सेंथिल ने कहा कि जब हमारे लोकतंत्र में मूलभूत अधिकारों को दबाया जा रहा है तो मुझे लगता है कि सरकार में एक लोकसेवक के तौर पर काम करते रहना मेरे लिए अनैतिक है. इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है. उन्‍होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर समझौता किया जा रहा है. मुझे यह भी दृढ़ता से महसूस होता है कि आने वाले दिनों में हमारे देश के बुनियादी ताने-बाने के सामने बेहद कठिन चुनौतियां पेश आने वाली हैं. मुझे अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ ही अपने काम को जारी रखने के लिए आईएएस पद से दूर रहना चाहिए.

कई अहम विभागों में जिम्‍मेदारियां संभाल चुके हैं शशिकांत
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40 साल के सेंथिल तमिलनाडु (Tamil Nadu) से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने तिरुचिरापल्ली के रीजनल इंजिनियरिंग कॉलेज ऑफ भारती सदन यूनिवर्सिटी से बीई (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की. उन्होंने 2009 से 2012 के बीच बल्लारी में सहायक आयुक्त के रूप में काम किया. शिवमोगा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की दो कार्यकाल तक जिम्मेदारी निभाई. सेंथिल चित्रदुर्ग और रायचूर जिलों के उपायुक्त के तौर पर काम कर चुके हैं. इसके अलावा वह नवंबर, 2016 में खदान और भूविज्ञान विभाग में निदेशक का कार्यभार संभल चुके हैं.

लोगों की आवाज बनने आया था, अपनी ही आवाज गंवा बैठा
सेंथिल ने कहा, वह प्रशासनिक सेवा में इस उम्मीद के साथ शामिल हुए थे कि वह उन लोगों की आवाज बन सकेंगे, जिन्हें खामोश कर दिया गया. यहां वह खुद की आवाज गंवा बैठे. वह अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वापस चाहते हैं. वह अपनी तरह से जीना चाहते हैं, भले ही वह एक दिन के लिए ही हो. वहीं, गोपीनाथ अपना इस्‍तीफा देते हुए कहा था, जब से जम्‍मू-कश्‍‍‍‍‍मीर मीरमीमआर्टिकल-370 हटाया गया है, तबसे मैं परेशान था. मैं अलग-अलग लोगों से इस बारे में बात भी कर रहा था. फिर एक दिन फैसला कर लिया कि IAS की नौकरी में रहने से ज्यादा जरूरी है लोकतंत्र में बोलने की आजादी की अहमियत के बारे में लोगों को बताना. इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया.

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First published: September 6, 2019, 4:41 PM IST
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