भारत के पक्ष में आईसीजे का फैसला, कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना समझौते का उल्लंघन किया है.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 9:50 PM IST
भारत के पक्ष में आईसीजे का फैसला, कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने भारत के पक्ष में फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने वियना समझौते का उल्लंघन किया है.
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Updated: July 17, 2019, 9:50 PM IST
पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के मामले में भारत की राजनयिक जीत हुई है. नीदरलैंड के हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने बुधवार को जाधव की फांसी की सजा पर रोक को बरकरार रखा. इसी के साथ कोर्ट ने पाकिस्तान से सैन्य अदालत के इस फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा. आईसीजे ने मामले में पाकिस्तान की तमाम आपत्तियों को खारिज कर दिया. अदालत ने पाकिस्तान के इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि भारत ने जाधव की वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी है.

मार्च 2016 से पाकिस्तान में हैं जाधव
अदालत ने कहा कि यह साफ है कि जाधव भारतीय नागरिक हैं और पाकिस्तान ने भी माना है कि जाधव भारतीय नागरिक ही हैं. पाकिस्तान ने जाधव को  मार्च 2016 में पकड़ा था और अप्रैल 2017 में पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें भारतीय जासूस और आतंकवादी बताकर मौत की सजा सुनाई थी.

आईसीजे ने 15-1 के बहुमत से कहा कि जाधव की मौत की सजा पर रोक बरकरार रहेगी और पाकिस्तान की सैन्य अदालत में उन्हें दोषी ठहराने और उन्हें दी गई सजा पर पुनर्विचार करने की जरूरत है.



आईसीजे ने पाक को लगाई फटकार
आईसीजे ने इस मामले में पाकिस्तान को फटकार भी लगाई. अदालत ने कहा कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को उनके अधिकारों के बारे में नहीं बताया और ऐसा करके उसने वियना संधि की शर्तों का उल्लंघन किया है.
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इसके साथ ही आईसीजे ने जाधव तक राजनयिक पहुंच दिए जाने की भारत की मांग के पक्ष में फैसला सुनाया है. अब भारतीय उच्चायोग जाधव से मुलाकात कर सकेगा और उन्हें वकील और अन्य कानूनी सुविधाएं दे पाएगा.

पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने दी थी मौत की सज़ा
जाधव को पाकिस्तान ने भारतीय जासूस बताते हुए मौत की सजा सुनाई हुई है. पाकिस्तान का कहना है कि वह आतंकी गतिविधि में शामिल थे. जबकि भारत ने इसे गलत बताते हुए इसके खिलाफ आईसीजे में अपील की हुई है. भारत का कहना है कि जाधव को पाकिस्तान ने ईरान से पकड़ा और जासूस तथा आतंकवादी बता दिया.

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया फैसले का स्वागत
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) द्वारा कुलभूषण जाधव के मामले में भारत के पक्ष में सुनाए गए फैसले का पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वागत किया. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले को सही दिशा में ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद भी दिया. सुषमा ने अंतर्राष्ट्रीय अदालत में इस केस को प्रभावी तरीके से पेश करने वाले हरीश साल्वे को धन्यवाद देते हुए इसे देश के लिए बड़ी और महान जीत बताया.

पीएम मोदी ने किया फैसले का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि हम ICJ में आज के फैसले का स्वागत करते हैं. सत्य और न्याय की जीत हुई. तथ्यों के गहन अध्ययन के आधार पर फैसले के लिए आईसीजे को बधाई. मुझे यकीन है कि जाधव को न्याय मिलेगा. हमारी सरकार हमेशा हर भारतीय की सुरक्षा और कल्याण के लिए काम करेगी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कही ये बात
वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रवीश कुमार ने कुलभूषण जाधव मामले पर कहा कि हम हेग में आईसीजे के भारत के पक्ष में दिए गए फैसले का स्वागत करते हैं. अदालत ने 15-1 के वोट करके भारत के इस दावे को सही ठहराया है कि पाकिस्तान कई मामलों में वियना कन्वेंशन का उल्लंघन कर रहा है. उन्होंने कहा कि- हम ICJ के निर्देश की सराहना करते हैं जिसमें पाकिस्तान को  सैन्य अदालत द्वारा जाधव को दी गई सजा की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया है.

कोर्ट के निर्देशों के बाद पाकिस्तान बिना देरी किए जाधव को उसके अधिकारों को देने के लिए बाध्य है.  जिसमें वियना कन्वेंशन के अनुसार भारतीय कांसुलर अधिकारियों को उसके लिए पहुंच प्रदान करना है. हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान निर्देश को तुरंत लागू करेगा. अदालत का यह निर्णय इस मामले पर भारत की स्थिति को पुख्ता करता है. हम जाधव की जल्द रिहाई और भारत लौटने के लिए सख्ती से काम करना जारी रखेंगे

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First published: July 17, 2019, 5:12 PM IST
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