ICMR की सलाह, कोरोना से उबरे मरीज को सर्जरी के लिए करना चाहिए 6 हफ्ते का इंतजार

कोरोना वायरस से पीड़ित एक मरीज का अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर. (पीटीआई फाइल फोटो)

कोरोना वायरस से पीड़ित एक मरीज का अस्पताल में इलाज करते डॉक्टर. (पीटीआई फाइल फोटो)

ICMR Advice Coronavirus: आईसीएमआर और एनटीएफ के विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस से ठीक होने के 102 दिनों के भीतर आरटी-पीसीआर या एंटीजन टेस्ट नहीं कराने की सलाह दी है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस से उबरे कई मरीज कुछ बीमारियों की सर्जरी (जिसे तुरंत करना जरूरी ना हो) कराने से पहले प्री-ऑपरेटिव प्रोटोकॉल के तहत एक बार फिर से अपना आरटी-पीसीआर या एंटीजन टेस्ट कराते हैं, लेकिन भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और कोविड-19 के लिए बनाए गए नेशनल टास्क फोर्स (एनटीएफ) के विशेषज्ञों की राय इसके खिलाफ है.


द टाइम्स ऑफ इंडिया में सोमवार (31 मई, 2021) को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर और एनटीएफ के विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस से ठीक होने के 102 दिनों के भीतर आरटी-पीसीआर या एंटीजन टेस्ट नहीं कराने की सलाह दी है.


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उन्होंने इस बात को रेखांकित किया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी लोगों के शरीर में 'डेड वायरस के कण' मौजूद रहते हैं और हो सकता है कि इनकी वजह से कोविड जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाए, जो कि गलत हो.


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कोरोना से ठीक होने के 102 दिनों के बाद करें कोविड-19 टेस्ट



इसके साथ ही विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि सर्जन को चाहिए कि वे कम-से-कम 42 दिनों (6 हफ्ते) के बाद ही कोरोना से ठीक हुए मरीजों की सर्जरी (नॉन अर्जेंट) करें, ताकि उन्हें जल्द-से-जल्द स्वास्थ लाभ मिले. टीओआई ने टास्क फोर्स के एक विशेषज्ञ संजय पुजारी के हवाले से कहा, 'वर्तमान में, कोरोना से ठीक होने के 102 दिनों के बाद ही कोविड के पुन: संक्रमण की पुष्टि होती है. इसलिए, इस अवधि में फिर से कोरोना टेस्ट कराने की सलाह नहीं दी जाती है.'

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