क्या भारत में दूसरे देशों से आ गया है अलग-अलग तरह का कोरोना वायरस, ICMR करेगा अध्ययन

चेन्नई में कोरोना वायरस की जांच की एक व्यक्ति के स्वॉब सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी (फोटो- Reuters)
चेन्नई में कोरोना वायरस की जांच की एक व्यक्ति के स्वॉब सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी (फोटो- Reuters)

अभी तक भारत में तीन तरह के कोरोना वायरस (Coronavirus) की श्रंखलाओं का पता है. इसमें से एक वुहान (Wuhan) से, और अन्य दो इटली (Italy) और ईरान (Iran) से आई हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) यह अध्ययन (Study) करने की योजना बना रहा है कि पिछले दो महीनों में देश में फैल रहे नये कोरोना वायरस (Coronavirus) में परिवर्तन हुआ है या नहीं.

देश के शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्था (apex health research body) के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार, यह निर्धारित करने कि SARS-CoV2 तनाव में परिवर्तन हुआ है या नहीं ऐसा कर रहे हैं. यह अध्ययन एक संभावित टीका (potential vaccine) की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने में मदद करेगा. "अध्ययन से यह भी संकेत मिलेगा कि क्या यह अधिक वायरल और बढ़ी हुई संचरण क्षमता वाला बन गया है."

भारत में आने के बाद से कोरोना वायरस में उत्परिवर्तन हुआ या नहीं किया जाएगा अध्ययन
वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यह भी कहा कि COVID​​-19 रोगियों से नमूने एकत्र किए जाएंगे, ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि नये कोरोना वायरस में उत्परिवर्तन (mutation) हुआ है या नहीं.
हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा, अध्ययन एक बार लॉकडाउन (Lockdown) हटा दिये जाने के बाद शुरू हो सकता है क्योंकि वर्तमान में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से नमूनों के परिवहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.



भारत में कोरोना वायरस में अधिकतम 0.2 से 0.9% का दिखा अंतर
एक अन्य वैज्ञानिक ने कहा, ग्लोबल इनिशिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इन्फ्लुएंजा डेटा (GISAID) के अनुसार, अब तक भारत में नये कोरोना वायरस में अधिकतम अंतर 0.2 से 0.9 प्रतिशत के बीच पाया गया है.

GISAID, में दुनिया भर में विभिन्न प्रयोगशालाओं द्वारा जमा SARS-CoV2 के 7,000 से अधिक पूर्ण जीनोम सीक्वेंस हैं जहां उन्होंने अपने उत्परिवर्तन के आधार पर वायरस को वर्गीकृत किया है. यहां सभी इन्फ्लूएंजा वायरस सीक्वेंस और इसके निदान से जुड़े ​​और महामारी विज्ञान संबंधी आंकड़ों के अंतर्राष्ट्रीय साझाकरण को बढ़ावा देता है.

ऐसी संभावना है कि विभिन्न देशों से भारत पहुंचने वाले लोग वायरस (Virus) के विभिन्न प्रकार ला रहे हैं.

यह भी पढ़ें: COVID-19: देश में कोरोना के 37776 केस और 10018 लोग ठीक हुए, अब तक 1223 मौतें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज