लाइव टीवी

बड़ी खबर: भारत में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में इस्‍तेमाल हो सकती है ये दवा

News18Hindi
Updated: March 23, 2020, 8:42 PM IST
बड़ी खबर: भारत में कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में इस्‍तेमाल हो सकती है ये दवा
कोरोना वायरस से देश में 9 मौतें हुई हैं.

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के चलते आठ लोगों की मौत हो चुकी है. देश-दुनिया में वैज्ञानिक इसकी दवा खोजने में जुटे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2020, 8:42 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. देश-दुनिया में कहर बरपा रहे कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से निपटने के लिए वैज्ञानिक दवा (Vaccine) खोजने में जुटे हुए हैं. इस बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने असाधारण परिस्थितियों में कोरोना वायरस संक्रमण के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए मलेरिया के खिलाफ इस्‍तेमाल होने वाली दवा के इस्‍तेमाल का सुझाव दिया है. इस दवा का नाम हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वाइन है.

कुछ देशों में हुई इस्‍तेमाल
आईसीएमआर की यह सिफारिश जयपुर में भर्ती कुछ मरीजों के इलाज में एंटी मलेरियल दवा और एंटी एचआईवी दवा के इस्‍तेमाल के बाद आई है. ये दवाएं कुछ देशों में मरीजों पर इस्‍तेमाल की जा चुकी हैं. एक फ्रांसीसी शोध में भी इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि अगर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में एंटीबायोटिक रूप में एंटी मलेरियल दवा हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वाइन इस्‍तेमाल की जाती है तो यह फायदेमंद हो सकती है.

हालांकि वैज्ञानिक समुदाय ने इस मामले में सावधानी बरतने का आग्रह किया है. क्योंकि मौजूदा समय में शोध अभी सीमित है. दवा की प्रभावशीलता को निर्धारित करने के लिए बहुत बड़े पैमाने के क्‍लीनिकल ​​परीक्षण करने की आवश्यकता है.



बनाए रखें सावधानी
एक एडवाइजरी के मुताबिक भारत में उच्च जोखिम वाले रोगियों के अलावा कोविड 19 के रोगियों के इलाज में जुटे स्‍वास्‍थ्‍य कर्मचारियों के लिए दवा के उपयोग की बड़े पैमाने पर सिफारिश की गई है. अहम रूप से यह भी कहा गया है कि दवा का इस्‍तेमाल करने के कारण अन्‍य सावधानियों को नहीं भूलना चाहिए. मसलन ठीक से हाथ धोया जाए. चेहरे पर मास्‍क लगाया जाए. इसके साथ ही किसी से बात करने के दौरान 1 मीटर की दूरी बनए रखी जाए. एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि यह दवा किसी डॉक्‍टर के निर्देश के बिना नहीं दी जानी चाहिए.

400Mg डोज की सिफारिश
नेशनल टास्‍क फोर्स द्वारा दिए गए प्रोटोकॉल को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा सिर्फ आपातकालीन स्थितियों में उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है. ICMR के पत्र में कहा गया है कि दवा को प्रयोगशाला में कोरोना वायरस के खिलाफ अध्ययनों में प्रभावी पाया गया है. सिफारिश के अनुसार दवा की यह खुराक दिन में दो बार 400mg और उसके बाद भोजन के साथ अगले 7 हफ्ते के लिए होनी चाहिए. 15 साल से कम उम्र के बच्‍चों के लिए यह दवा नहीं है.

यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस: पश्चिम बंगाल में 55 साल के शख्स की मौत, इटली से लौटा था परिवार

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 23, 2020, 7:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर