Home /News /nation /

अगर बच्चा सवाल समझ सकता है तो मिल जा सकती है गवाही की अनुमति- सुप्रीम कोर्ट

अगर बच्चा सवाल समझ सकता है तो मिल जा सकती है गवाही की अनुमति- सुप्रीम कोर्ट

ट्रायल कोर्ट ने अन्य सबूतों के आधार पर धारा 302 और 498ए के तहत दोषी ठहराया था.

ट्रायल कोर्ट ने अन्य सबूतों के आधार पर धारा 302 और 498ए के तहत दोषी ठहराया था.

ट्रायल कोर्ट ने अन्य सबूतों के आधार पर धारा 302 और 498ए के तहत दोषी ठहराया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों में कम उम्र के बाल गवाहों को गवाही की इजाजत दी जा सकती है, बशर्ते वह इतना समझदार हो कि सवालों को समझ कर उनका तार्किक जवाब दे सके .

    जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की एक बेंच ने कहा कि बाल गवाह से सवाल जवाब कर घटना को समझने और अदालत के सामने सच बोलने की उसकी बौद्धिक क्षमता को सुनिश्चित किया जा सकता है.

    बेंच ने कहा कि बाल गवाह उस स्थिति में ही अक्षम होता है जब अदालत को यह लगता है कि वह सवालों को नहीं समझ पाएगा और सही तरीके से जवाब नहीं देगा. इसके साथ ही बाल गवाह की क्षमता को सुनिश्चित करने के लिये जज को अपनी राय भी बनानी होगी.

    सर्वोच्च न्यायालय हत्या के एक मामले में अपील की सुनवाई कर रहा था जिसमें अभियोजन के दो गवाह नाबालिग थे.

    यह भी पढ़ें:  SC ने कर्नाटक के विधायकों को याचिका वापस लेने की दी मंजूरी

    यह था मामला

    लाइव लॉ डॉट इन की एक रिपोर्ट के अनुसार पी रमेश बनाम स्टेट के मामले के में एक हत्याकाण्ड के मामले में प्रॉसीक्यूशन की ओर से दो गवाह नाबालिग थे. मामले के ट्रायल जज ने उनके सबूत इसलिए नहीं रिकॉर्ड किए क्योंकि उनका मानना था कि गवाह उस शख्स की पहचान करने में असमर्थ थे जिसके समक्ष वह गवाही दे रहे थे.

    उदाहरण के लिए वह जज और वकीलों को नहीं पहचान रहे थे. हालांकि नाबालिग गवाहों का कहना था कि वह अपनी मां के हत्या के मामले में गवाही देना चाहते हैं.

    ट्रायल कोर्ट ने अन्य सबूतों के आधार पर धारा 302 और 498ए के तहत दोषी ठहराया था.

    यह भी पढ़ें:  SC का आदेश, जिले में स्पेशल POCSO कोर्ट बनाए केंद्र

    Tags: Chief Justice of India, Child sexual abuse, Supreme Court

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर