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सुप्रीम कोर्ट पैनल के सदस्य बोले- MSP हल नहीं, इससे किसानों और ट्रेडर्स सबका नुकसान होगा

सुप्रीम कोर्ट पैनल के सदस्य बोले- MSP हल नहीं, इससे किसानों और ट्रेडर्स सबका नुकसान होगा

एमएसपी को लेकर कानून बनता है तो इससे इकोनॉमी पर असर पड़ेगा.  (प्रतीकात्‍मक फोटो)

एमएसपी को लेकर कानून बनता है तो इससे इकोनॉमी पर असर पड़ेगा. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए अगर कानून बना तो भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को संकट का सामना करना पड़ेगा. ये बात सोमवार को कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा नियुक्‍त समिति के एक सदस्‍य अनिल घनवट ने कही. उनकी टिप्‍पणी उस समय आई है जब एमएसपी पर कानून के लिए किसानों के विरोध की मांग की जा रही है. शेतकारी संगठन के अध्यक्ष घनवत ने कहा कि केंद्र सरकार और किसान नेताओं को कृषि आय बढ़ाने के लिए कोई और तरीका सोचना चाहिए. एमएसपी पर कानून समाधान नहीं है. उन्‍होंने कहा कि इससे संकट सामने आएगा जिससे व्‍यापारियों के साथ-साथ स्‍टॉकिस्‍टों और इससे जुड़े बाकी सब लोगों का भी नुकसान होगा. कमोडिटी बाजार भी अस्‍त व्‍यस्‍त रहेगा. हम एमएसपी के खिलाफ नहीं है, लेकिन खुली खरीद एक समस्‍या है. एमएसपी कानून बना तो अन्‍य फसलों के लिए भी किसान मांग कर रहे हैं.

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    नई दिल्‍ली. फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए अगर कानून बना तो भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) को संकट का सामना करना पड़ेगा. ये बात सोमवार को कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा नियुक्‍त समिति के एक सदस्‍य अनिल घनवट ने कही. उनकी टिप्‍पणी उस समय आई है जब एमएसपी पर कानून के लिए किसानों के विरोध की मांग की जा रही है. हालांकि उन्‍होंने उन्होंने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की सराहना की है. उन्‍होंने कहा इस पर जागरूकता बढ़ानी होगी.

    न्‍यूज एजेंसी एएनआई को घनवट ने बताया कि ‘अगर कानून बनने जा रहा है तो हम संकट का सामना करेंगे. कानून होने पर अगर खरीद की प्रक्रिया किसी दिन ठप हो जाती है तब कोई भी उत्‍पाद नहीं खरीद पाएगा क्‍योंकि एमएसपी से कम कीमत पर उत्‍पाद को खरीदना अवैध होगा. ऐसा करने वालों को सजा मिलेगी.

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    शेतकारी संगठन के अध्यक्ष घनवत ने कहा कि केंद्र सरकार और किसान नेताओं को कृषि आय बढ़ाने के लिए कोई और तरीका सोचना चाहिए. एमएसपी पर कानून समाधान नहीं है. उन्‍होंने कहा कि इससे संकट सामने आएगा जिससे व्‍यापारियों के साथ-साथ स्‍टॉकिस्‍टों और इससे जुड़ें इससे जुड़े बाकी सब लोगों का भी नुकसान होगा. कमोडिटी बाजार भी अस्‍त व्‍यस्‍त रहेगा. हम एमएसपी के खिलाफ नहीं है, लेकिन खुली खरीद एक समस्‍या है. एमएसपी कानून बना तो अन्‍य फसलों के लिए भी किसान मांग कर रहे हैं.

    उन्‍होंने कहा कि मान लीजिए हमें बफर स्‍टॉक के लिए 41 लाख टन अनाज की जरूरत है और हम 110 लाख टन की खरीद करते हैं ; ऐसे में किसान के लिए परेशानियां बढ़ेंगी. वहीं एमएसपी कानून बना तो सब किसान अपनी अन्‍य फसलों के लिए भी एमएसपी की मांग करेंगे और कोई कमाने की स्थिति में नहीं होगा. घनवट ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने निर्णय को दुर्भाग्‍यपूर्ण करार दिया है.

    Tags: Indian economy, MSP, Supreme Court

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