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रक्षा के लिए 3.37 लाख करोड़ रुपये का बजट, CDS बिपिन रावत बोले- और जरूरत पड़ी तो सरकार को देंगे जानकारी

News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 6:24 PM IST
रक्षा के लिए 3.37 लाख करोड़ रुपये का बजट, CDS बिपिन रावत बोले- और जरूरत पड़ी तो सरकार को देंगे जानकारी
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देंगे

रक्षा बजट (Defence Budget) में मामूली बढ़ोतरी करते हुए 2020-21 के लिए इसमें 3.37 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन 3.18 लाख करोड़ रुपये का था.

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  • Last Updated: February 2, 2020, 6:24 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को मोदी सरकार (Modi Government) के दूसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया. इस बजट में रक्षा के लिए 3.37 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (Chief of Defence Staff Gen Bipin Rawat) ने कहा कि हम अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देंगे. इसके बाद अगर हमें और रकम की जरूरत पड़ती है तो हम अपनी आवश्यकताओं से सरकार को अवगत कराएंगे. चिंता की कोई भी बात नहीं है. रावत ने कहा कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होने के नाते, मेरे लिए ये जरूरी है कि तीन सेवाओं के संतुलित आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता दी जाए.

रक्षा बजट में पेंशन की हिस्सेदारी में वृद्धि पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि मैं तीनों सेवाओं में अलग-अलग टुकड़ियों और सेवाओं के लिए रिटायरमेंट की उम्र में धीरे-धीरे बढ़ोत्तरी करके पेंशन मैनेजमेंट को अधिक वरीयता दूंगा.

रक्षा विभाग को मिले इतने करोड़
गौरतलब है कि रक्षा बजट में मामूली बढ़ोतरी करते हुए 2020-21 के लिए इसमें 3.37 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिछले बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन 3.18 लाख करोड़ रुपये का था.

सेना के तेजी से आधुनिकीकरण के लिए बजट आवंटन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन वर्ष 2019-20 के बजट अनुमान की तुलना में इस बार बढ़ोतरीमात्र 5.63 फीसदी है. 2019-20 के 3.31लाख करोड़ रुपये से तुलना करे तो इस बार आवटंन में वृद्धि मात्र 1.8 फीसदी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को लोकसभा में पेश आम बजट में कुल रक्षा बजट से 1.13 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए दिए गए हैं. इसका इस्तेमाल नए हथियार, वायुयान, युद्धपोत और अन्य सैन्य उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा.

इसी तरह रक्षा बजट के राजस्व व्यय के मद में 2.09 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें वेतन पर व्यय और रक्षा प्रतिष्ठानों का रखरखाव का खर्च शामिल है.सशस्त्र बलों के बजट आवंटन का जिक्र नहीं
पूर्व रक्षा मंत्री सीतारमण ने 160 मिनट लंबे अपने बजट भाषण में सशस्त्र बलों को बजट आवंटन का कोई जिक्र नहीं किया.

तीनों बल ज्यादा बजट आवंटन की मांग करते रहे हैं ताकि काफी समय से लंबित आधुनिकीकरण योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सके और क्षेत्र में तेजी से बदलते समीकरण में आधुनिक अस्त्र-शस्त्र हासिल कर सके.

अगर पेंशन मद में 1.33 लाख करोड़ रुपये के आवंटन को जोड़ा जाए तो रक्षा बजट 4.71 लाख करोड़ रुपये है. कुल आवटंन में पेंशन भुगतान के लिए अलग रखे गए 1.33 लाख करोड़ रुपये शामिल नहीं हैं.

रक्षा बजट बढ़ाए जाने की थी उम्मीद
विशेषज्ञों के मुताबिक रक्षा आवंटन जीडीपी का 1.5 प्रतिशत बना हुआ है, और यह 1962 के बाद से सबसे कम है.

पिछले वर्ष बालाकोट हमले के बाद से रक्षा बजट बढ़ाए जाने की उम्मीद थी.

रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि हालांकि तीनों बलों की मांग के मुताबिक आवंटन अपर्याप्त है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था को देखते हुए यह संतोषजनक है.

पूंजी आवंटन के हिसाब से सेना को 32,392 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि 2019-20 में यह आवंटन 29,666 करोड़ रुपये था. भारतीय वायु सेना को 43,281 करोड़ रुपये आवंटित किए गए जो पिछले वर्ष आवंटित राशि 44,869 करोड़ की तुलना में 1058 करोड़ रुपये कम है.

नौसेना का पूंजी आवंटन 26,668 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछली बार यह 26,156 करोड़ रुपये था.

(भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: February 2, 2020, 5:33 PM IST
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