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HIV पॉजिटिव लोगों की शादी के लिए IIM अहमदाबाद ने लॉन्च की मेट्रिमोनियल साइट

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

आईआईएम के निदेशक एरॉन डीसुजा ने इस वेबसाइट को एक प्रगतिशील कदम बताया. उन्होंने कहा कि फील्ड सर्वे में पता चला है कि एचआईवी पॉजिटिव लोगों की संख्या आधिकारिक तौर पर बताए गए लोगों की संख्या से ज्यादा है.

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    सूरत के एक संगठन श्रीरामकृष्णा ग्रुप (एसआरके) ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (आईआईएम-ए) में एचआईवी/एड्स पॉजिटिव लोगों को शादी के लिए अपने जैसा ही किसी को चुनने के लिए एक वेबसाइट लॉन्च की है. इसके जरिए वे दुनिया भर में अपने जैसे किसी साथी की तलाश कर सकेंगे.

    आईआईएम के निदेशक एरॉन डीसुजा ने इस वेबसाइट को एक प्रगतिशील कदम बताया. उन्होंने कहा कि फील्ड सर्वे में पता चला है कि एचआईवी पॉजिटिव लोगों की संख्या आधिकारिक तौर पर बताए गए लोगों की संख्या से ज्यादा है. इस वेबसाइट को एसआरके नॉलेज फाउंडेशन से आर्थिक और आईआईएम-ए से तकनीकि सहयोग मिल रहा है.

    जीएसएनपी पॉजिटिव लोगों के लिए वेबसाइट बनाने में रसिक भुआ के मामले ने अहम भूमिका निभाई. भुआ बताते हैं कि उनकी सगाई हो जाने के बाद उन्हें एचआईवी पॉजिटिव पाया गया और उन्होंने तुरंत रिश्ता खत्म कर दिया. बाद में एचआईवी मरीजों की काउंसिलिंग के दौरान उनकी एक लड़की से मुलाकात हुई और उन्होंने शादी कर ली.

    ये भी पढ़ें: HIV पीड़ित पांच में से तीन लोगों को ही मिल पाती है दवा

    वे मानते है कि आज बहुत से लोग अपने परिवार के लोगों को भी अपने बारे में नहीं बताना चाहते कि वे एचआईवी पॉजिटिव हैं. वे कहते हैं, “हमने एक नियम बनाया है कि दोनों तरफ से परिवार के एक एक सदस्य को इसमें साझीदार किया जाएगा, ताकि आगे कोई विवाद न हो. गांवों में तो स्थिति और भी खराब है जहां हमें दवाएं देने के लिए भी बैंक अधिकारी या फिर सरकारी अधिकारी बन के जाना पड़ता है.”

    जीएसएनपी पॉजिटिव की संस्थापक दक्ष पटेल के  मुताबिक देश भर में 16 लाख लोग एचआईवी के साथ जी रहे हैं. 68000 से ज्यादा लोग नियमित तौर से वैकल्पिक इलाज के लिए गुजरात में एआरटी केंद्रों में आते हैं. जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. उनके मुताबिक आधुनिक दवाओं से जिस तरह से पीड़ितों का जीवन काल बढ़ा है उससे भी शादी वाली साइट की जरूरत पड़ रही है.

    जीएसएनपी अभी तक शादी योग्य दुल्हा-दुल्हनों की छह बड़ी मीटिंग करवा चुका है और करीब एक दशक में 254 शादियां भी करा चुका है. इसके पास रजिस्टर्ड लोगों की कुल संख्या करीब 1900 है.

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