• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • IMA ने किया मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए आयुष ट्रेनिंग का विरोध, राष्ट्रीय आयोग को लिखा पत्र

IMA ने किया मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए आयुष ट्रेनिंग का विरोध, राष्ट्रीय आयोग को लिखा पत्र

ड्राफ्ट रेग्युलेशन्स फॉर कंपल्सरी रोटेटिंग इंटर्नशिप 2021 के तहत MBBS के छात्र को आयुष ट्रैनिंग करना अनिवार्य करने की बात कही गई थी. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

ड्राफ्ट रेग्युलेशन्स फॉर कंपल्सरी रोटेटिंग इंटर्नशिप 2021 के तहत MBBS के छात्र को आयुष ट्रैनिंग करना अनिवार्य करने की बात कही गई थी. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

IMA Opposes AYUSH Training: मसौदे के अनुसार एमबीबीएस छात्रों के लिए बारी-बारी से प्रशिक्षण के कार्यक्रम में एक सप्ताह का प्रशिक्षण किसी भारतीय चिकित्सा पद्धति या आयुष की किसी एक विधा में होना चाहिए.

  • Share this:
    नई दिल्ली. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की तरफ से हाल ही में इंटर्नशिप (Internship) को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने विरोध किया है. आईएमए ने कहा है कि AYUSH और उसके घटक काफी विशाल हैं. ऐसे में वहां एक हफ्ते काम करने पर इंटर्न कोई नया कौशल नहीं सीख पाएगा. इसके अलावा पत्र के जरिए आयोग के अध्यक्ष सुरेश चंद्र शर्मा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई है.

    ड्राफ्ट रेग्युलेशन्स फॉर कंपल्सरी रोटेटिंग इंटर्नशिप 2021 के तहत MBBS के छात्र को आयुष ट्रेनिंग करना अनिवार्य करने की बात कही गई थी. IMA का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा में प्रशिक्षित इंटर्न के लिए दवा की ऐसी प्रणाली को समझना समझदारी नहीं है, जिसके बारे में उसने स्नातक के दौरान नहीं सीखा है. IMA ने कहा है कि संस्था एक सप्ताह की विशेष पोस्टिंग को शामिल करने का पूरी तरह से विरोध करती है. यह पहले से स्थापित मानदंडों के विपरीत और गैर-जरूरी है. इसके अलावा संस्था ने इसे मायक्सोपैथी शुरू करने की कोशिश बताया है.



    यह भी पढ़ें: INSACOG का दावा- डेल्टा के अन्य वैरिएंट -AY.1, AY.2 के अधिक संक्रामक होने की संभावना नहीं

    क्या कहता है नया ड्राफ्ट
    भाषा के मुताबिक, मसौदे के अनुसार एमबीबीएस छात्रों के लिए बारी-बारी से प्रशिक्षण के कार्यक्रम में एक सप्ताह का प्रशिक्षण किसी भारतीय चिकित्सा पद्धति या आयुष की किसी एक विधा में होना चाहिए. एनएमसी के अनुसार, आयुष के लिए इंटर्न आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्धा, होम्योपैथी और सोवा रिगपा में से किसी एक को एक सप्ताह के प्रशिक्षण के लिए चुन सकते हैं.

    मसौदे के अनुसार, एमबीबीएस छात्रों को स्नातक की पढ़ाई पूरी होने के बाद 12 महीने की अवधि में 17 पोस्टिंग पूरी करनी होंगी. इनमें से 14 अनिवार्य हैं और तीन वैकल्पिक हैं. भारतीय चिकित्सा प्रणाली में प्रशिक्षण वैकल्पिक श्रेणी में है. इसमें कहा गया है कि पर्याप्त उपस्थिति नहीं होने, जरूरी क्षमता संतोषजनक तरीके से हासिल नहीं करने आदि की स्थिति में अनिवार्य इंटर्नशिप की न्यूनतम अवधि को बढ़ाया जा सकता है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज