वैक्सीनेशन-कोरोना इलाज पर सवाल खड़े करने वाले देशद्रोही, IMA का रामदेव पर निशाना

योग गुरु स्वामी रामदेव.

योग गुरु स्वामी रामदेव.

एक विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) को लगता है कि कोरोना के इलाज के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल पर अभियान चलाना सही है. ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल और वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बारे में भ्रम फैलाने वाले देशद्रोही हैं. उनके साथ कोई दया नहीं की जानी चाहिए.

  • Share this:

नई दिल्ली. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) पर एक बार फिर निशाना साधा है. एक विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि स्वामी रामदेव को लगता है कि कोरोना के इलाज के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल पर अभियान चलाना सही है. ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल और वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बारे में भ्रम फैलाने वाले षड्यंत्रकारी और देशद्रोही हैं. उनके साथ कोई दया नहीं की जानी चाहिए.

देश के नाम लिखे खत में इंडियन मेडिकल एसोसिशन ने कहा है- ये खत संगठन की पूरी लीडरशिप की तरफ से है. हमारा संगठन कोरोना महामारी के वक्त में केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है. आईएमए की स्थापना 1928 में राष्ट्रवादी डॉक्टरों द्वारा की गई थी. आईएमए दुनिया का सबसे बड़ा मेडिकल संगठन है जो बिना किसी राजनीति से प्रेरित हुए अपना काम करता है.

भारत सरकार के कोरोना के खिलाफ प्रयासों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई

संगठन ने कहा है कि मॉडर्न मेडिसिन महामारी के खिलाफ फ्रंटलाइन पर काम कर रही है. इतिहास में हर चुनौती के वक्त कुछ राष्ट्रद्रोही तत्व भ्रम फैलाते रहे हैं. रामदेव को लगता है कि कोरोना वैक्सीनेशन और इलाज प्रोटोकॉल के खिलाफ अभियान चलाना सही है. लेकिन वो ये भूल गए कि ऐसा करते हुए उन्होंने भारत सरकार के कोरोना के खिलाफ प्रयासों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है.
अब मिली-जुली पैथी के पक्ष में आए रामदेव

इससे पहले आयुर्वेद बनाम एलोपैथी की बहस छेड़ने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने अब इस बहस को विराम तक पहुंचाने के लिए एलोपैथी को एक तरह से मान्यता देते हुए आपसी सहयोग और मिल जुलकर चिकित्सा पद्धति विकसित किए जाने के विचार पर बात छेड़ी है. उन्होंने माना है कि एलोपैथी के पास ऐसी दवाएं हैं, जो एकदम इमरजेंसी की स्थिति में जान बचाने में कारगर हैं. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि चिकित्सा में एलोपैथी का यह योगदान करीब दो फीसदी है, क्योंकि इसके अलावा 98% बीमारियों का स्थायी इलाज आयुर्वेद और योग के पास ही है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज