मलेरिया के खात्‍मे के लिए आईएमडी और आईसीएमआर साथ आए आगे

भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और एक एनजीओ ने मिलकर देश से मलेरिया के खात्मे में गति लाना तय किया है. (फाइल फोटो)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और ‘मलेरिया नो मोर’ नामक एक गैर सरकारी संगठन ने मिलकर मलेरिया से निपटने का संकल्‍प लिया है. इन संस्‍थााओं ने देश से इस मच्छर जनित बीमारी के खात्मे में गति लाने के लिए जलवायु आधारित हल की संभावनाएं तलाशने एवं उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए बहु विषयक इंडिया इंटरएजेंसी एक्सपर्ट कमेटी (आईईसी) ऑन मलेरिया एंड क्लाइमेट गठित करने के लिए आपस में हाथ मिलाया है.

  • Share this:
    नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और ‘मलेरिया नो मोर’ नामक एक गैर सरकारी संगठन ने देश से इस मच्छर जनित बीमारी के खात्मे में गति लाने के लिए जलवायु आधारित हल की संभावनाएं तलाशने एवं उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए बहु विषयक इंडिया इंटरएजेंसी एक्सपर्ट कमेटी (आईईसी) ऑन मलेरिया एंड क्लाइमेट गठित करने के लिए आपस में हाथ मिलाया है.

    आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि विभाग मलेरिया पूर्वानुमान जारी करने के लिए मौसम संबंधी आंकड़ा प्रदान करेगा और प्रायोगिक तौर पर ओड़िशा में एक परियोजना शुरू की गयी है.

    ये भी पढ़े  संक्रमण का शिकार हो चुके लोगों के लिए टीके की एक ही खुराक काफी: अध्ययन

    एनजीओ द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘‘मलेरिया नो मोर’ नामक एक गैर सरकारी संगठन देश से इस मच्छर जनित बीमारी के खात्मे में गति लाने के लिए जलवायु आधारित हल की संभावनाएं तलाशने एवं उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए बहु विषयक इंडिया इंटरएजेंसी एक्सपर्ट कमेटी (आईईसी) ऑन मलेरिया एंड क्लाइमेट गठित करने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ हाथ मिलाया है.’’

    ये भी पढ़ें कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच PM मोदी की 5वीं मीटिंग, जानें किन अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

    उसने कहा, ‘‘ मलेरिया भारत की ज्वलंत स्वास्थ्य चिंताओं में एक है. मौसम सबंधी सूचनाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र की सूचनाओं के साथ मिलाकर हम सूक्ष्म प्रवृत्तियों का परीक्षण कर सकते हैं और मलेरिया के पैटर्न का अनुमान लगा सकते हैं तथा उसके खात्मे के अपने राष्ट्रीय कदम तेज कर सकते है. आज घोषित विशेषज्ञ समिति इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सबसे कारगर मंच के रूप में काम करेगी.’’

    एनजीओ का मौसम आधारित पूर्वानुमान मॉडल राष्ट्रीय मलेरिया रोकथाम अभियानों की योजना, जांच एवं उपचार तथा चिकित्सा उपकरणों को अग्रिम रूप से जुटाने एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती में मार्गदर्शन के लिए आंकड़ा आधारित हल प्रदान करने के लिये है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.