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उद्धव-रश्मि की शादी में राज ठाकरे की बहन का था यह अहम रोल, अनूठी है पूरी कहानी

News18Hindi
Updated: November 29, 2019, 12:38 PM IST
उद्धव-रश्मि की शादी में राज ठाकरे की बहन का था यह अहम रोल, अनूठी है पूरी कहानी
उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे राजनीतिक तौर पर भी काफी सजग हैं. (PTI Photo)

साल 1989 में उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Uddhav Thackeray) और रश्मि पटनकर (Rashmi patankar) की शादी हुई. कहा जाता है कि उद्धव को राजनीति में आने की प्रेरणा भी रश्मि से मिली. रश्मि साल 1999 से ही चाहती थीं कि पार्टी सत्ता में लौटती है तो उद्धव राज्य की बागडोर संभालें.

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  • Last Updated: November 29, 2019, 12:38 PM IST
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मुंबई. शिवसेना सुप्रीमो उद्धव बालासाहेब ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने गुरुवार शाम को 6.40 बजे महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वह राज्य के 18वें सीएम हैं. इसके साथ ही वह ठाकरे परिवार से पहले सदस्य बने जो किसी संवैधानिक पद पर पहुंचे हैं. उद्धव के मातोश्री (Matoshree) से मंत्रालय (Mantralaya) तक पहुंचने की जद्दोजहद में जितनी अहम भूमिका शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के विधायकों की रही उससे कहीं ज्यादा उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे (Rashmi Thackeray) ने उनकी मदद की.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे को शिवसैनिक 'वहिनीसाहेब' कह कर बुलाते हैं. उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने की पीछे की कहानी में मुख्य किरदार रश्मि ठाकरे का है. उद्धव की पत्नी रश्मि ठाकरे मातोश्री (Mato Shree) से लेकर शिवसेना (Shiv Sena) तक के मामलों की ना सिर्फ जानकारी रखती हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर सलाह भी देती हैं.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रश्मि के मामा बताते हैं- ''वो बचपन से ही बेहद शांत लेकिन दृढ़प्रतिज्ञ लड़की थीं. वो बहुत ज्यादा बातें नहीं करती और अपने काम में व्यस्त रहती थीं.'' राज्य स्थित थाणे (Thane) के डोंबिवली में जन्मीं रश्मि पटनकर (ठाकरे) ने वाज़े-केलकर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. उनके पिता माधव पटनकर व्यावसायी हैं. रश्मि की अपने माता-पिता और सास-ससुर से मजबूत बॉन्डिंग रही है.

 उद्धव और रश्मि ठाकरे अपने परिवार के साथ (PTI Photo)


दिलचस्प है उद्धव-रश्मि की शादी की कहानी
बीते एक महीने के भीतर जितनी दिलचस्प कहानी उद्धव के सीएम बनने की है उतनी ही रश्मि ठाकरे से उनकी शादी की भी है. रश्मि ने साल 1987 में जीवन बीमा निगम में कॉन्ट्रै्क्ट कर्मचारी के तौर पर काम करना शुरू किया था. इसी नौकरी के दौरान रश्मि ठाकरे की दोस्ती राज ठाकरे की बहन जयजयवंती से हो गई. राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के चचेचे भाई हैं. राज की बहन ने ही उद्धव की मुलाकात रश्मि से करवाई थी. उद्धव और रश्मि की शादी साल 1989 में हुई.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यहां तक दावा किया जाता है कि उन्होंने राज ठाकरे की बजाय उद्धव को उत्तराधिकारी के रूप में जगह बनाने के लिए बाल ठाकरे को समझाने में बड़ी भूमिका निभाई. रश्मि को अपने बेटे आदित्य ठाकरे की राजनीतिक पारी शुरू करने का श्रेय भी ही दिया जाता है.
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रश्मि पार्टी से अच्छी तरह वाकिफ हैं और पार्टी के कई नेताओं के बीच और यहां तक कि बाहर भी उन्हें 'संगठनात्मक सूत्र' कहा जाता रहा है. कथित तौर पर, उन्होंने ही बीजेपी-शिवसेना सरकार बनाने के मामले में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के रूप में आदित्य के नाम पर जोर दिया था.

 उद्धव और रश्मि ठाकरे अपने परिवार के साथ (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)


साल 1999 में रश्मि ने चाहा था सीएम बनें उद्धव
कहा जाता है कि शादी के शुरुआती दो वर्षों तक ठाकरे दंपति मातोश्री में जाने से पहले, अपने दम पर रहते थे. उन शुरुआती वर्षों में, उद्धव ठाकरे ने 'चौरंग ’नामक एक विज्ञापन एजेंसी शुरू की थी. रिपोर्ट के अनुसार 40 साल की उम्र में उद्धव को अपनी पत्नी से राजनीति में आने की प्रेरणा मिली. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रश्मि चाहती थी कि अगर पार्टी सत्ता में लौटी तो उद्धव 1999 में राज्य की बागडोर संभालें.

बताया जाता है कि नारायण राणे के पार्टी छोड़ने और राज ठाकरे से शिवसेना के अलग होने के दौरान भी रश्मि ने बातचीत में हिस्सा लिया था. रश्मि ठाकरे शिवसेना की महिला विंग कार्यक्रमों को भी अक्सर संबोधित करती हैं. माना जाता है कि रश्मि की राजनीतिक सूझ-बूझ भी उद्धव के सीएम की कुर्सी तक पहुंचने की मुख्य वजहों में से एक है.

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First published: November 29, 2019, 12:12 PM IST
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