लिंगानुपात में हुआ सुधार, छत्तीसगढ़ और केरल टॉप पर, हरियाणा में दो साल से सेक्स रेश्यो बराबर

हरियाणा में यह संख्या बीते साल के बराबर यानी प्रति हजार लड़कों पर 914 लड़कियों का आंकड़ा है.

News18Hindi
Updated: June 23, 2019, 12:22 PM IST
लिंगानुपात में हुआ सुधार, छत्तीसगढ़ और केरल टॉप पर, हरियाणा में दो साल से सेक्स रेश्यो बराबर
हरियाणा में यह संख्या बीते साल के बराबर यानी प्रति हजार लड़कों पर 914 लड़कियों का आंकड़ा है.
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Updated: June 23, 2019, 12:22 PM IST
देश भर के सेक्स रेश्यो में 8 अंक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. साल 2015-16 के मुकाबले अब प्रति 1,000 लड़कों  पर 931 लड़कियों का औसत दर्ज किया गया है. साल 2019 के मार्च तक केरल और छत्तीसगढ़ इसमें अव्वल रहे. दोनों राज्यों में प्रति हजार लड़कों पर 959 लड़कियों का औसत दर्ज किया गया. इसके बाद मिजोरम में यह आंकड़ा 958, गोवा में 954, दमन और दीव में 889, लक्षद्वीप में 891 और पंजाब में 900, प्रति हजार लड़कों तक पहुंचा है.

साल 2015-16 में यह आंकड़ा प्रति हजार लड़कों पर 923 था. लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदम्बिका पाल के सवाल के जवाब में महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने यह जानकारी दी. पाल ने अपने संसदीय क्षेत्र सिद्धार्थनगर के संबंध में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, योजना से जुड़े कुछ सवाल किए थे. इसके जवाब में ईरानी ने लिंगानुपात से जुड़े जवाब दिए.

ईरानी ओर से दिए गए जवाब के अनुसार, 21 राज्य और संघ शासित प्रदेशों में, जहां 2017-18 के मुकाबले  सेक्स रेश्यों में बढ़ोत्तरी हुई उसमें अंडमान और निकोबार द्वीप 51 अंकों के साथ नंबर 1 पर था, जहां प्रति हजार 897 का आंकड़ा से 948 तक पहुंच गया. इसके बाद सिक्किम में आंकड़ा 928 से 948 और तेलंगाना में 943 से 925 प्रति हजार लड़कों तक पहुंच गया.

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12 राज्यों में दर्ज हुई गिरावट
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साल 2017-18 की तुलना में 12 राज्यों में गिरावट दर्ज की गई. 42 अंकों की सबसे बड़ी गिरावट अरुणाचल प्रदेश (956 लड़कियों से 914 तक) में देखी गई, उसके बाद जम्मू और कश्मीर में (958 लड़कियां से 943 तक आंकड़ा पहुंच गया. इसके बाद तमिलनाडु 947 से 936 लड़कियों तक और महाराष्ट्र , 940 लड़कियों से 930 प्रति हजार की गिरावट दर्ज की गई.

वहीं हरियाणा में यह संख्या बीते साल के बराबर यानी प्रति हजार लड़कों पर 914 लड़कियों का आंकड़ा है. हरियाणा में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कैंपेन की शुरुआत की गई थी.

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First published: June 23, 2019, 12:22 PM IST
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