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हैदराबाद म्यूनिसिपल चुनाव बना तेजस्वी सूर्या Vs ओवैसी, जानें पूरी लड़ाई

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने ओवैसी को 'आधुनिक जमाने का मोहम्मद अली जिन्ना' करार दिया. फाइल फोटो
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने ओवैसी को 'आधुनिक जमाने का मोहम्मद अली जिन्ना' करार दिया. फाइल फोटो

ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC Election) के चुनाव में स्थानीय मुद्दे पर कोई चर्चा ही नहीं, जबकि बीजेपी नेता और ओवैसी के बीच भयंकर जुबानी जंग चल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 10:45 AM IST
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हैदराबाद. 90 के दशक के उतरार्द्ध में जब एसएम कृष्णा (SM Krishna) कर्नाटक के और चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो हैदराबाद की कोशिश वैश्विक स्तर पर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की दुनिया में बेंगलुरु के प्रभुत्व को चुनौती देने की होती थी, और हैदराबाद का नाम बिजनेस अखबारों की सुर्खियों में होता था. तेलंगाना (Telangana) के गठन से पहले हैदराबाद आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) का हिस्सा था. बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच की ये अदावत दशकों बाद एक बार फिर पुर्नजीवित हो गई है. लेकिन, राजनीति के मंच पर.

दरअसल आगामी ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC Election) के चुनावों में बेंगलुरु (दक्षिण) से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या (Tejasvi Surya) और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) के बीच भयंकर जुबानी जंग चल रही है. बीजेपी के युवा सांसद की कोशिश ओवैसी पर आक्रामक रूप से हावी होने की दिखती है.

दोनों सांसदों के बीच की जुबानी जंग कड़वाहट भरी, उकसाने वाली और अपशब्दों से भरी है. ये जुबानी जंग 2020 के ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) के परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.



ओवैसी पर अक्सर ये आरोप लगाया जाता है कि वे वोटकटवा की भूमिका निभाते हैं और बीजेपी को चुनावी रूप से ज्यादा सीटें जीतने में अपरोक्ष तरीके से मदद करते हैं. जैसा कि बिहार के विधानसभा चुनाव में ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवारों पर सेकुलर वोटों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा. कांग्रेस ने खुलकर ओवैसी पर हमला बोला. हालांकि ओवैसी पर 'वोटकटवा' होने के आरोप तथ्यों में सही साबित नहीं होते, लेकिन कांग्रेस सहित कई पार्टियों का मानना है कि ये रणनीति ओवैसी और बीजेपी के लिए दोनों हाथ लड्डू होने के समान है.
हालांकि बीजेपी भी विपक्षी पार्टियों के आरोपों को खारिज करती है, लेकिन हैदराबाद में अपनी जगह बनाने के लिए वो भी ओवैसी फैक्टर पर ही दांव लगा रही है.

तेजस्वी सूर्या ने ऑल इंडिया मजलिसे ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद ओवैसी को 'आधुनिक जमाने का मोहम्मद अली जिन्ना' करार दिया, जिसकी कोशिश हैदराबाद को 'पाकिस्तान का हैदराबाद' बनाने की है. बीजेपी सांसद सूर्या ने आरोप लगाया कि ओवैसी पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के वोट पर निर्भर हैं, जो पुराने हैदराबाद शहर में अवैध तरीके से रहते हैं.


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तेजस्वी सूर्या के आरोपों पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने बीजेपी को ललकारा और कहा कि 24 घंटे के भीतर लिस्ट जारी कर बताएं कि कौन और कितने लोग 'अवैध' तरीके से रह रहे हैं. एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि इन लोगों को बिरयानी खिलाने की जरूरत हैं, ताकि ये लोग होश में आ सकें.

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अपनी हर प्रचार सभा में हैदराबाद के सांसद ओवैसी पुराने शहर के वोटरों को समझाते हैं कि बीजेपी के चक्रव्यूह में ना फंसे और एआईएमआईएम को वोट करें ताकि उनका हित सुरक्षित रहे.

हैदराबाद निकाय चुनावों में बीजेपी की कोशिश हिंदू बहुल वार्डों में अपनी पैठ बनाने की है. उसकी नजर कांग्रेस और तेलंगाना की सत्ता में काबिज टीआरएस के वोटों पर है. लेकिन, बीजेपी का धुआंधार चुनावी अभियान वोटों का ध्रुवीकरण कर सकता है, जिसका फायदा ओवैसी को अपने गढ़ में मिल सकता है.
माना तो ये जा रहा था कि म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव में सड़क, बिजली, पानी और ड्रेनेज सिस्टम का मुद्दा हावी रहेगा, लेकिन हाई प्रोफाइल चुनावी कैंपेन एक अलग तरीके की 'सोशल डिस्टैंसिंग' दिख रही है... स्थानीय मुद्दे 'क्वारंटीन' हो गए हैं.
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