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गुजरात: कोरोनाकाल में सूदखोरों का बोलबाला, उत्पीड़न से परेशान कई लोगों ने किया सुसाइड

गुजरात में सूदखोरों का बोलबाला है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गुजरात में सूदखोरों का बोलबाला है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गुजरात में सूदखोरों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के कारण भी आत्महत्याओं की संख्या में वृद्धि हुई है. DGP ने सभी थानों से कहा है कि ऐसे मामले सामने आने पर सख्ती से कार्रवाई की जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 15, 2020, 9:43 AM IST
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अहमदाबाद. गुजरात (Gujarat) में कोरोना संकट (Coronavirus In India) के दौरान लोगों में सूदखोरों के ब्याज का भी डर है. एक ओर जहां अधिकतर लोग पैसे की कमी का सामना कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग दूसरों के पैसे को ब्याज में बदलना चाह रहे हैं. कुछ सूदखोर प्रति माह 3-10 प्रतिशत ब्याज ले रहे हैं. लोगों को डराया, पीटा और धमकाया जा रहा है. एक तरफ राज्य के पुलिस प्रमुख ने सूदखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं तो दूसरी ओर उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने वाले लोगों के मामले भी सामने आ रहे हैं.

आधिकारिक नियमों के अनुसार जिसके पास पैसा उधार देने का लाइसेंस है वह हर साल 18 से 21 प्रतिशत ब्याज ले सकता है. ऐसे उधार देने वालों को पांच साल तक की पूरी जानकारी के साथ खाता रखना होगा. दूसरी ओर अवैध ब्याज का व्यवसाय इस हद तक फल-फूल रहा है कि साधारण डायरी या नोट में कोड भाषा में सामान्य संख्या लिखकर ब्याज पर पैसे का भुगतान किया जाता है. ऐसे सूदखोर सालाना कम से कम 36 प्रतिशत से 120 प्रतिशत (21 प्रतिशत की आधिकारिक ब्याज दर है) वसूलते हैं.

उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने या आत्महत्या की कोशिशके मामले
जानकारों का कहना है कि हाल ही में अहमदाबाद और सूरत सहित कई महानगरीय क्षेत्रों में, सूदखोरों द्वारा उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने या आत्महत्या के प्रयास के मामले सामने आए हैं. राज्य के पुलिस प्रमुख आशीष भाटिया ने सभी पुलिस थानों को सूदखोरी पर रोक लगाने के लिए पासा, मनी लॉन्ड्रिंग और गुंडागर्दी समेत कई धाराओं के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. है.
कोरोना महामारी के बीच सूदखोरी के चक्कर में फंसकर सूरत नगर प्रशिक्षु अनिल चौधरी ने आत्महत्या करने की कोशिश की. चौधरी की पत्नी ने कहा कि उन्होंने 10 प्रतिशत ब्याज पर फाइनेंसर से पैसे लिए. दो साल में 24 लाख हुए. लेकिन सूदखोरों ने 30 लाख रुपये का चेक वापस कर दिया. जिसके चलते अनिल मानसिक रूप से तनाव में आ गए और उन्होंने यह कदम उठा लिया. चौधरी ने सुसाइड नोट में लिखा था, 'मम्मी, डैडी, आई एम सॉरी, आपको मेरी वजह से भी बहुत तकलीफ हुई. मैं यातना से तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूं.'



हर शहर में सूदखोरों का आतंक बढ़ता जा रहा
राज्य के हर शहर में सूदखोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है. लॉकडाउन के बाद से कई लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और कई लोगों ने आत्महत्या कर ली. कुछ दिनों पहले राज्य स्थित बनासकांठा में एक और ऐसी घटना सामने आई थी. इस मामले में एक व्यक्ति पैसे नहीं लौटा सका. जिसके बाद उसने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की. जानकारी के अनुसार एक शख्स ने बनासकांठा में 10 प्रतिशत ब्याज पर 50,000 रुपये लिए. पैसा ना लौटा पाने की स्थिति में उसने आत्महत्या करने की कोशिश की. अब पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है.

सूरत में रहने वाले एक युवक ने हाल ही में कुछ लोगों से कारोबार के लिए रुपया लिया था. हालांकि उसका शव सोमवार को सूरत के छेवाडे में पाया गया. वह 10 दिन पहले अपने घर से लापता हो गया था. सूदखोरों के एक समूह ने उसे मारने की धमकी दी थी. एक सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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