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हैदराबाद गैंगरेप: एनकाउंटर में मारे गए आरोपी की पत्‍नी ने सरकार से मांगी नौकरी और 10 लाख रुपये

News18Hindi
Updated: December 15, 2019, 4:44 PM IST
हैदराबाद गैंगरेप: एनकाउंटर में मारे गए आरोपी की पत्‍नी ने सरकार से मांगी नौकरी और 10 लाख रुपये
एनकाउंटर वाली जगह की फाइल फोटो

हैदराबाद में महिला डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या के मामले (Hyderabad Doctor Gangrape Murder Case) में 29 नवंबर को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. उसके कुछ दिन बाद ही पुलिस एनकाउंटर में चारों मारे गए.

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  • Last Updated: December 15, 2019, 4:44 PM IST
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हैदराबाद. तेलंगाना स्थित हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और फिर जला कर मारने के मामले (Hyderabad Doctor Gangrape Murder Case) में आरोपियों में से एक की पत्नी ने कहा है कि उसे सरकारी नौकरी (Government Job) दी जाए. इसके साथ ही तीन अन्य परिवारों ने कहा है कि उन्हें अब तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि उन्हें शव कब सौंपे जाएंगे. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार आरोपी चिन्नाकेशवुलु की गर्भवती पत्नी ने कहा, 'मैं अब अपने पति को नहीं मांग सकती, अब वह मारे जा चुके हैं. अगर सरकार मुझे मेरे गांव में नौकरी दे सकती है तो दे, ताकि मैं अपनी जरूरतें पूरी कर सकूं.'

आरोपी के माता-पिता का कहना है कि वह अपने इकलौते बेटे को खो चुके हैं. अब सरकार को चाहिए कि वह उन्हें डबल बेडरूम और 10 लाख रुपये का मुआवजा दे. हैदराबाद एनकाउंटर में मारे गए अन्‍य तीन आरोपियों के परिजनों का कहना है कि अब तक शव सौंपने के मामले पर कोई बात नहीं हुई. वह इस बात पर नाराज हैं.

शव सुरक्षित रखने के सुप्रीम कोर्ट ने दिये थे आदेश
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तेलंगाना में एक पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार एवं उसकी हत्या के संबंध में मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के शव को सुरक्षित रखने का हाईकोर्ट का आदेश शीर्ष अदालत के अगले फैसले तक बरकरार रहेगा. शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आयेाग की जांच के दौरान कोई अन्य अदालत और प्राधिकारी मामले में जांच नहीं करेगा. मुठभेड़ मामले की जांच के लिए शीर्ष अदालत ने तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है जिसकी अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस वी एस सिरपुरकर कर रहे हैं.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस एस ए बोबड़े की अगुवाई वाली पीठ ने गुरूवार को दिए अपने फैसले में कहा, ‘चार आरोपियों के शवों को संरक्षित रखने के मामले में हाईकोर्ट का आदेश मामले में इस अदालत के अगले फैसले तक जारी रहेगा.’ तेलंगाना हाईकोर्ट ने नौ दिसंबर को अधिकारियों को 13 दिसंबर तक चारों शवों को संरक्षित करने का आदेश दिया था.

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First published: December 15, 2019, 4:07 PM IST
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