IPL सट्टेबाजी: ईडी के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर की बढ़ सकती है मुश्किलें, CBI ने कार्रवाई करने के लिए वित्त मंत्रालय से मांगी इजाजत

IPL सट्टेबाजी: ईडी के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर की बढ़ सकती है मुश्किलें, CBI ने कार्रवाई करने के लिए वित्त मंत्रालय से मांगी इजाजत
सांकेतिक तस्वीर

साल 2015 में जे पी सिंह को सीबीआई की टीम नें गुजरात में आईपीएल (IPL) के सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था

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नई दिल्ली. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ( CBI) की टीम गुजरात में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) में कार्यरत पूर्व संयुक्त निदेशक (Former joint director of ED) जे पी सिंह मामले में कार्रवाई करने वाली है. इसको लेकर सीबीआई ने केंद्रीय वित मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है. ऐसे में इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि सीबीआई की टीम जे पी सिंह से जुड़े मामले में जल्द ही आरोपपत्र दायर कर सकती है. आरोप पत्र में जे पी सिंह सहित अन्य आरोपियों की भूमिका और सबूतों के बारे में कोर्ट को विस्तार से जानकारी दी जाएगी.

क्या था आईपीएल में सट्टेबाजी का मामला?
पूर्व आरोपी अधिकारी जे पी सिंह को सीबीआई की टीम नें गुजरात में आईपीएल (IPL) के सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था . ये मामला साल 2015 का है जब उसके तीन अन्य सहयोगियों के साथ सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था. सीबीआई के मुताबिक उस वक्त जे पी सिंह पर सरकारी अधिकारी होने के बावजूद भ्रष्ट्राचार के मामले को अंजाम देने का आरोप लगा था. सीबीआई की टीम ने इस मामले में काफी सबूतों को जमा करने के बाद कई जगहों पर उस वक्त छापेमारी की थी. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था.

दो सट्टेबाज भी हुए थे गिरफ्तार
सीबीआई की टीम ने गुजरात में ईडी के दफ्तर में ही कार्यरत और जे पी सिंह के बेहद करीबी रहे कर्मचारी संजय कुमार सहित दो सट्टेबाजों चंद्रेश पटेल और विमल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था . इस मामले में सीबीआई के सूत्रों द्वारा ये जानकारी मिली है की जे पी सिंह पर काफी गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है की उन्होंने अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर स्पॉट फिक्सिंग की.



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 मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप
जे पी सिंह पर इसके अलावा दूसरी गलत गधिविधियों के माध्यम से उन्होंने करोड़ों रूपये मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए रिश्वत के तौर पर ली जिससे आरोपियों को बचाया जा सके. उस रिश्वत की रकम को उसके ससुर के बैंक एकाउंट के मार्फत जे पी सिंह को पैसे ट्रांसफर किया गया था. इस मामले में काफी सबूतों को जमा किया गया था.
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