हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होने पर इशरत जहां को मिल रहीं हत्या की धमकियां

पश्चिम बंगाल में हावड़ा के गोलाबाड़ी थाने में दर्ज कराई शिकायत में इशरत जहां ने कहा कि उनके ससुराल वाले और मकान मालिक हिदुओं के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उन्हें धमकियां दे रहे हैं.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 7:33 PM IST
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तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाली बीजेपी नेता इशरत जहां नई मुसीबत में फंस गई हैं. उन्हें हनुमान चालीसा पाठ में शामिल होने के कारण जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. उन्होंने हावड़ा के गोलाबाड़ी थाने में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके ससुराल वाले और मकान मालिक हिजाब पहनकर हिंदुओं के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद से उनके साथ गाली-गलौच करने के अलावा हत्या की धमकियां भी दे रहे हैं.

बेटे के स्कूल से लौटते वक्त सैकड़ों लोगों ने घेरकर दीं धमकियां 

जहां ने दावा किया कि वह बुधवार को अपने बेटे के स्कूल से घर लौट रही थीं. इसी दौरान गोलाबाड़ी इलाके के सैकड़ों लोगों ने उन्हें घेर लिया और धमकाया. गोलाबाड़ी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है. जांच के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारी के मुताबिक, जहां ने बताया कि उनकी जान को खतरा है. उनका कहना है कि वह अपने बेटे के साथ घर में अकेली रहती हैं. उनके साथ कभी भी कोई हादसा हो सकता है. उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग की है.

इशरत ने शिकायत में कहा है कि कुछ लोगों ने मेरे घर को घेर लिया था. मुझसे पूछा गया कि मैं हनुमान चालीसा पाठ में शामिल क्यों हुई. वे सब मुझसे तुरंत घर छोड़ने को कह रहे थे.


स्थानीय लोग धक्के देकर घर से निकालने की दे रहे हैं धमकी  

इशरत ने शिकायत में कहा है कि कुछ लोगों ने मेरे घर को घेर लिया था. मुझसे पूछा गया कि मैं हनुमान चालीसा पाठ में शामिल क्यों हुई. वे सब मुझसे तुरंत घर छोड़ने को कह रहे थे. उन्होंने मुझे धक्के देकर घर से निकालने की धमकी भी दी. मैं कहना चाहती हूं कि हम धर्मनिरपेक्ष देश में रह रहे हैं. किसी भी पवित्र उत्सव में भाग लेना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है. मैंने देश के अच्छे नागरिक के तौर पर अपना कर्तव्य निभाया है. मैं एक धर्मनिरपेक्ष नागरिक हूं. हालांकि, इसके कारण मुझे अपने परिवार के सदस्यों से जान का खतरा है.

पति के फोन पर तीन तलाक देने के बाद पहुंची थीं सुप्रीम कोर्ट 
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जहां ने दावा किया कि उनके करीबी रिश्तेदार और मकान मालिक उन्हें घर से बाहर निकालने की धमकियां दे रहे हैं. 14 साल की बेटी और 8 साल के बेटे की मां इशरत एक बार में तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर मामले की पांच याचिकाकर्ताओं में से एक हैं. जहां के पति ने 2014 में दुबई से फोन पर लगातार तीन बार 'तलाक' कहकर उनके साथ रिश्ता खत्म कर लिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. शीर्ष न्यायालय ने 22 अगस्त, 2017 को फौरी तीन तलाक की प्रथा खत्म कर दी थी. जहां ने 1 जनवरी, 2018 को बीजेपी ज्वाइन की थी.

बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि इशरत को वो सब करने का अधिकार है, जो वह करना चाहती हैं.


ममता बनर्जी नमाज अदा करती हैं तो कोई सवाल नहीं उठाता 

बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने घटना पर कहा कि इशरत को वो सब करने का अधिकार है, जो वह करना चाहती हैं. अजीब बात है कि जब सूबे की सीएम ममता बनर्जी और दूसरे टीएमसी नेता नमाज अदा करते हैं तो कोई सवाल नहीं उठाता है. अब जब इशरत हनुमान चालीसा पाठ में शामिल हो रही हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. उन्हें रास्ते में रोककर धमकाया जा रहा है और उन्हें घर छोड़कर जाने को कहा जा रहा है.

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First published: July 18, 2019, 5:56 PM IST
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