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सामूहिक विवाह में शामिल होने गईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पारंपरिक धुनों पर थिरकीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मालदा में आदिवासी महिलाओं के साथ नृत्य करते हुए (फोटो- News18)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मालदा में आदिवासी महिलाओं के साथ नृत्य करते हुए (फोटो- News18)

एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) आदिवासी महिलाओं (Tribal Women) के साथ झूमती दिखींं. ये महिलाएं एक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य (Traditional Dance) कर रही थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 6, 2020, 12:11 AM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) को एक सामूहिक विवाह समारोह (mass marriage ceremony) में गुरुवार को आदिवासी गानों की धुनों पर थिरकते देखा गया. इस सामूहिक विवाह का कार्यक्रम 5 मार्च को मालदा जिले (Malda District) के गजोले इलाके में रखा गया था.

ऐसा पहली बार हुआ है कि ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) आदिवासी महिलाओं (Tribal Women) के साथ झूमती दिखी हों. ये महिलाएं एक कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य कर रही थीं. इस डांस का नजारा देखकर वहां मौजूद लोग चकित थे.

पश्चिम बंगाल ने 'रूपाश्री प्रकल्प योजना' के तहत करवाए विवाह
ममता बनर्जी मालदा में एक सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए आई थीं. इस समारोह में 300 आदिवासी जोड़ों का सामूहिक विवाह हो रहा था. पश्चिम बंगाल सरकार की 'रूपाश्री प्रकल्प योजना' (Rupashree Prakalpa scheme) के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस योजना के तहत आर्थिक तौर पर असक्षम परिवारों की बेटियों की शादी में मदद के लिए एक बार 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने तय किया है कि कोई भी आदिवासियों से उनकी जमीन न छीन सके. उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने यह तय किया है कि कोई भी आदिवासी (Tribal) परिवारों से उनकी जमीन न छीन सके. एक आदिवासी अपनी जमीन का पूरी तरह से रखवाला होगा."



ममता बनर्जी ने लोगों को 'जय जोहार पेंशन योजना' की जानकारी भी दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसा ही सामूहिक विवाह के कार्यक्रम का आयोजन अप्रैल के दूसरे या तीसरे हफ्ते में उत्तरी बंगाल के चाय बागानों (Tea gardens of north Bengal) में होगा. उन्होंने कहा, "हम आदिवासी इलाकों में हर साल ऐसे ही सामूहिक विवाहों का आयोजन करेंगे."

ममता बनर्जी ने समारोह में मौजूद लोगों को 'जय जोहार पेंशन योजना' (Jai Johar pension scheme) के बारे में भी जानकारी दी जिसके तहत बुजुर्ग आदिवासियों को, जिन्हें कोई अन्य पेंशन नहीं मिलती है, उन्हें 1 अप्रैल से हर महीने 1 हजार रुपये दिए जाएंगे.

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