राहुल के सवाल के जवाब में सरकार ने कहा, कश्मीर में एहतियातन 223 लोगों को निरुद्ध किया गया

11 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में 223 लोग निरुद्ध थे (सांकेतिक फोटो)
11 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में 223 लोग निरुद्ध थे (सांकेतिक फोटो)

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार (Jammu-Kashmir Government) ने बताया है कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के संबंध में संसद द्वारा पिछले साल अगस्त में किये गये संवैधानिक परिवर्तनों (Constitutional changes) के मद्देनजर लोक व्यवस्था को कायम रखने (to maintain public order) के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किये गये थे.

  • भाषा
  • Last Updated: September 20, 2020, 9:12 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार (Central Government) ने रविवार को लोकसभा (Lok Sabha) में कहा कि जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) को विशेष राज्य का दर्जा (Special Status) समाप्त किये जाने के मद्देनजर लोक व्यवस्था (Public order) बनाये रखने के लिए विभिन्न उपाय (Various measures) किये गये जिनके तहत अब तक एहतियातन (as a precaution) 223 लोगों को निरुद्ध (Detain) किया गया है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी (Minister of State for Home Affairs G Kishan Reddy) ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार (Jammu-Kashmir Government) ने बताया है कि पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य (Former Jammu-Kashmir State) के संबंध में संसद द्वारा पिछले साल अगस्त में किये गये संवैधानिक परिवर्तनों (Constitutional changes) के मद्देनजर लोक व्यवस्था को कायम रखने (to maintain public order) के लिए विभिन्न प्रकार के उपाय किये गये थे.

11 सितंबर की स्थिति के अनुसार 223 लोग निरुद्ध किये गये
राहुल गांधी ने कहा कि इनमें कुछ लोगों को एहतियातन निरुद्ध करना शामिल था. 11 सितंबर की स्थिति के अनुसार 223 लोग निरुद्ध किये गये हैं.
रेड्डी ने कहा कि 2जी मोबाइल इंटरनेट स्पीड से आम जनता के साथ-साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जानकारी का आदान-प्रदान करने और कोविड नियंत्रण उपायों को करने में कोई बाधा नहीं पहुंची है.



हाई स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगा प्रतिबंध न्याय के प्रशासन में कोई बाधा नहीं
उन्होंने कहा कि हाई स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लगाया गया प्रतिबंध न्याय के प्रशासन में किसी प्रकार की बाधा नहीं रहा है तथा न्यायालयों द्वारा वैश्विक महामारी के दौरान वकीलों और वादियों को वीडियो लिंक्स/यूआरएल मुहैया कराकर अपनी कार्यवाहियों का संचालन करने के लिए विशेष उपाय किये गये हैं.



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गांधी ने अपने प्रश्न में जम्मू कश्मीर में सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पिछले साल पांच अगस्त तक निरुद्ध किये गये नेताओं का ब्योरा पूछा था. उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या जम्मू कश्मीर में 4जी सेवाओं को बहाल करने का विचार है.
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