दिल्ली हिंसा: शिव विहार के इस अकेले हिंदू दवा दुकानदार को लग रहा 'जय श्री राम' के नारे लगाने वालों से डर

दिल्ली हिंसा: शिव विहार के इस अकेले हिंदू दवा दुकानदार को लग रहा 'जय श्री राम' के नारे लगाने वालों से डर
दिल्ली हिंसा में अब तक 47 लोगों की जान जा चुकी है.

Delhi Violence: बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान के बाद यहां के हालात एकदम से बिगड़ गए. कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने ट्वीट किया था कि जो नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें दिल्ली के रास्तों से हटा दिया जाएगा. इसके बाद ही उत्तर-पूर्वी जिले के शिव विहार और मौजपुर में हिंसा भड़की

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 3, 2020, 11:40 AM IST
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(राखी बोस)

नई दिल्ली. बैरिकेड्स, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शिव विहार (Shiv Vihar) इलाके की तरफ से गुजरते ही सबसे पहले आपको यही चीजें दिखेंगी. यहां कभी घर, दुकानें थीं. चहल-पहल हुआ करती थी, लेकिन इस बैरिकेड्स के उस पार आपको अब जले हुए घर, दुकानें, गाड़ियां और वीरान गलियां मिलेंगी; जो 23 फरवरी को भड़की हिंसा का नतीजा हैं. ये बैरिकेड्स बाहरी लोगों (मीडिया) को आने से रोकने के लिए लगाए गए हैं.

'सब चले गए, यहां कुछ नहीं है'- एक कम उम्र के लड़के ने कहा. उसके माथे पर भगवा निशान था और आंखों में गुस्सा था. यहां से News18 की टीम को आगे रास्ता मिला. गेटकीपर से कहासुनी के बाद हम मदीना मस्जिद गली की तरफ बढ़े. यहां जले सामान और राख के अलावा और कुछ नहीं बचा था. मदीना गली अब भूतिया गली बन गई है, क्योंकि यहां से सभी मुस्लिम परिवार इलाका छोड़कर जा चुके हैं.



'सब चले गए'
उत्तर-पूर्वी जिले के नजदीकी इलाके शिव विहार में हिंसा भड़की थी. यहां ज्यादातर हिंदू परिवार रहते हैं. वहीं, मुस्लिम बहुल मदीना मस्जिद गली में कभी हमेशा रौनक रहती थी, लेकिन अब बस मलबा, जले सामानों के ढेर देखे जा सकते हैं. यहां के घर जल चुके हैं, टूटे-जले दरवाजे और खिड़कियां बस रह गई हैं. उपद्रवियों ने दवा की दुकानों, गैरेज, किराने की दुकानों में भी लूटपाट की फिर इन्हें आग के हवाले कर दिया. जले टायर, फूंकी हुई बाइक-कार, मेडिकल स्टोर की टूटी सेल्फ, रास्ते में पड़े स्टेथोस्कोप आपको भयानक हिंसा की कहानी बताते हैं.

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शिव विहार इलाके में अब बस आपको तबाही की निशानियां दिखेंगी.


दरअसल, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के भड़काऊ बयान के बाद यहां के हालात एकदम से बिगड़ गए. कपिल मिश्रा ने ट्वीट किया था कि जो नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें दिल्ली के रास्तों से हटा दिया जाएगा. इसके बाद ही उत्तर-पूर्वी जिले के शिव विहार और मौजपुर में हिंसा भड़की. सालों से एक साथ रह रहे हिंदू-मुस्लिम एक दूसरे के खिलाफ सड़कों पर आ गए. ये हिंसा धीरे-धीरे कई इलाकों में फैल गई.

हिंसा के बाद इन इलाकों में अब सिर्फ हिंदू परिवार ही रह गए हैं, एक भी मुस्लिम परिवार यहां नहीं दिखेगा.

'ये मेरे राम नहीं'
शिव विहार के मदीना मस्जिद गली में मुस्लिम परिवार रहते थे. हिंसा के बाद रविवार को ही इन लोगों ने इलाका छोड़ दिया है. हिंसा को याद करते हुए एक चश्मदीद बताते हैं, 'चेहरा ढके कुछ लोग आए. वो हाथ में लोहे की रॉड, लाठियां. पेट्रोल बम और देसी कट्टे लेकर चल रहे थे और जय श्री राम के नारे लगा रहे थे. इन लोगों ने मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदू घरों पर भी हमले किए.

हिंसा के बाद मदीना गली में जली दुकानों और घरों के बीच एक केमिस्ट ने अपनी दुकान खोली. उनका नाम दुष्यंत कुमार है. उनके मेडिकल स्टोर में और भी तीन हिंदू लोगों ने पनाह ले रखी है. दुष्यंत बताते हैं, 'पथराव रविवार रात से शुरू हो गया था. पत्थरबाजी करने वाले जोहरीपुर के बताए जा रहे हैं. कुछ ही समय में भीड़ इकट्ठा होने लगी. वो घरों पर पेट्रोल बम फेंकने लगे. आक्रोशित भीड़ लोगों को घरों से घसीटकर बाहर ला रही थी और रॉड-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर रही थी. हर तरफ बस चीख-पुकार और दशहत का माहौल था.'


दुष्यंत News18 को बताते हैं, 'ये लोग मुसलमानों को पहचानकर मार रहे थे और मस्जिदों में तोड़फोड़ के बाद आग लगा रहे थे. हिंसा करते हुए ये बाहरी लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे, लेकिन ये मेरे भगवान राम के लिए नहीं था. लोगों को मारने वाले, उनका खून बहाने वाले मेरे राम के भक्त कैसे हो सकते हैं. मुझे नहीं मालूम ये कौन लोग थे. लेकिन अब मुझे जय श्री राम के नारे लगाने वाले से डर लगता है.'

(इस आर्टिकल को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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