मुफ्त खाने से लेकर कूलर की सुविधा तक- मजदूरों को घर वापसी से रोकने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे मिल मालिक

पिछले लॉकडाउन के चलते कई मजदूर घर वापस चले गए थे, जिसकी वजह से राज्य में मिलों का काम खासा प्रभावित हुआ था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

पिछले लॉकडाउन के चलते कई मजदूर घर वापस चले गए थे, जिसकी वजह से राज्य में मिलों का काम खासा प्रभावित हुआ था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Migrant Workers Returning: तेलंगाना (Telangana) के राइस मिल में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के 1.5 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर काम करते हैं. यहां उनका प्रमुख काम चावल की बैग को चढ़ाना और उतारना होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:40 PM IST
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हैदराबाद. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लॉकडाउन (Lockdown) की संभावनाओं से डरे प्रवासी मजदूर घर लौटने लगे हैं. सोशल मीडिया (Social Media) पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. इसी बीच तेलंगाना और आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में मजदूर संकट से बचने के लिए मिल मालिक हर संभव कोशिश कर रहे हैं. यहां मजदूरों को मुफ्त भोजन और रहने के लिए अलग से जगह की पेशकश की जा रही है. मजदूरों के घर लौटने की वजह से यहां काम करने वालों की कमी हो गई है.

तेलंगाना में मिल मालिक कर्मचारियों को मुफ्त भोजन और मास्क, सैनिटाइजर्स के साथ-साथ रहने के लिए अलग से जगह दे रहे हैं. वहीं, आंध्र प्रदेश में काम करने वालों को मिल मालिक पंखे और कूलर के साथ रहने की जगह के अलावा मुफ्त चावल और सब्जियां दे रहे हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे देश के प्रमुख शहरों से मजदूरों के लौटने की तस्वीरें सामने आई हैं.

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तेलंगाना में राइस मिल में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के 1.5 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर काम करते हैं. यहां उनका प्रमुख काम चावल की बैग को चढ़ाना और उतारना होता है. बीते साल कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते कई मजदूर घर वापस चले गए थे, जिसकी वजह से राज्य में मिलों का काम खासा प्रभावित हुआ था.
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इंडियन एक्स्प्रेस के अनुसार, राइस मिल मालिक मांचु वेंकटेशवर्लु बताते हैं 'पिछले साल उन्हें वापस लाने के लिए हमने दूसरी चीजों के साथ रेल का किराया भी दिया था. हम उन्हें दोबारा वापस नहीं जाने देना चाहते, लेकिन उन्हें इस बात की चिंता है कि यहां दोबारा लॉकडाउन लग सकता है और वे यहां फंस जाएंगे.' उन्होंने बताया 'हमने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अगर ऐसे हालात तैयार होते हैं, तो उनका ख्याल रखा जाएगा.'

उन्होंने बताया 'कोविड-19 से सुरक्षित रहने के लिए मैंने उन्हें मिल कंपाउंड से बाहर नहीं जाने के लिए कहा है. हम उन्हें मिल में मुफ्त भोजन दे रहे हैं, ताकि वे दोपहर में बाहर न जाएं और उनके रहने के लिए अतिरिक्त शेड्स लगाए गए हैं. हमने उन्हें सैनिटाइजर्स और मास्क भी मुहैया कराए हैं. आने वाले दिनों में अगर जरूरत पड़ती है, तो हम उन्हें सूखा राशन भी देंगे.'





तेलंगाना राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गंपा नागेंद्र ने कहा कि काम करने वालों को भरोसा दिया गया है कि अगर मिल अस्थाई रूप से बंद होती हैं, तो भी उन्हं भोजन और रहने की सुविधा मिलेगी. तेलंगाना सरकार ने 20 अप्रैल से 1 मई तक नाइट कर्फ्यू लगाया है. जिसकी वजह से प्रवासी मजदूर चिंतित हो गए हैं.
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