विपक्ष की घेराबंदी तोड़ने के लिए सरकार ने कसी कमर, चीन से कोरोना तक चर्चा करने को तैयार: सूत्र

विपक्ष की घेराबंदी तोड़ने के लिए सरकार ने कसी कमर, चीन से कोरोना तक चर्चा करने को तैयार: सूत्र
संसद का मानसून सत्र की शुरुआत 14 सितम्बर को होगी और इसका समापन एक अक्टूबर को प्रस्तावित है.

सूत्रों की मानें तो मानसून सत्र में केंद्र सरकार विपक्ष की कई मांगो पर चर्चा को तैयार है. सरकार कोरोना महामारी के बाद उपजे देशव्यापी हालात, अर्थव्यवस्था, देश में बाढ़ की स्थिति , चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद जैसे मसलो पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 3:13 PM IST
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(अनूप गुप्ता/ विनीत कुमार)

नई दिल्ली. मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही केंद्र सरकार विपक्ष की घेराबंदी तोड़ने में लग गई है. सरकार को पता है कि 14 सितंबर से शुरू होने वाले मानसून सत्र में विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा. यही कारण है कि सरकार ने अभी से कमर कस ली है.  मानसून सत्र के पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों की बैठक हुई. इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी, केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए. NEWS18 को सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि इस बैठक में संसद के आगामी सत्र में विपक्षी पार्टियों के संभावित घेराबंदी को लेकर के रणनीति बनाई गई.

सूत्रों की मानें तो मानसून सत्र में केंद्र सरकार विपक्ष की कई मांगो पर चर्चा को तैयार है. सरकार कोरोना महामारी के बाद उपजे देशव्यापी हालात, अर्थव्यवस्था, देश में बाढ़ की स्थिति , चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद जैसे मसलो पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है. सूत्रों की मानें तो सरकार इन मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों में सहमति बनने के बाद चर्चा के लिए तैयार है.



सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने इस बात पर भी चर्चा की कि जब विपक्षी पार्टी उन्हें कोरोना महामारी पर घेरेगी तो किस तरह से विपक्षी पार्टियों को जवाब दिया जाए. सरकार की ओर से टेस्ट बढ़ाने सहित तमाम उपायों के बारे में सदन में जानकारी देने की रणनीति बनाई जा रही है.
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अर्थव्यवस्था को लेकर भी बनाई गई रणनीति
वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक में विपक्षी पार्टियों द्वारा सरकार को संभावित आर्थिक मोर्चे पर घेरने की कोशिश पर भी चर्चा हुई. सरकार इस मामले में विपक्षी घेराबंदी को तोड़ने के लिए मोदी सरकार द्वारा हाल में उठ गए आर्थिक कदम के बारे में जानकारी देगी. इसमें 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज सहित किसानों, रेहड़ी पटरी वालों आदि के लिए किए गए काम के बारे में जानकारी दी जाएगी.

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महत्वपूर्ण बिल और अध्यादेश को पास करवाने पर भी हुई चर्चा
संसद के आगामी मानसून सत्र में 11 अध्यादेशों को पास करवाने की कोशिश सरकार की ओर से की जाएगी.
>> मंत्रियों-सांसदों के वेतन-भत्ते में कटौती के लिए वेतन भत्ता एक्ट 1952 में संशोधन अध्यादेश
>> महामारी रोग कानून 1857 में संशोधन अध्यादेश
>> अनिवार्य वस्तुएं आपूर्ति कानून संशोधन अध्यादेश
>> किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य संवर्धन सुविधा अध्यादेश
>> किसान सशक्तीकरण एवं संरक्षण अध्यादेश
>> होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल कानून संशोधन अध्यादेश
>> कर संशोधन कानून संशोधन अध्यादेश
>> दिवालिया संहिता कानून संशोधन अध्यादेश
>> बैंकिंग विनियमन कानून अध्यादेश
>> कंपनी अमेंडमेंट बिल 2020
>> मेजर पोर्ट ऑथरिटी बिल 2020
>> दी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (अमेंडमेंट) बिल 2020
>> दी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी लॉ (अमेंडमेंट) बिल 2020

गौरतलब है कि संसद का आगामी मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू हो रहा है और यह बिना किसी अवकाश के 1 अक्टूबर तक चलेगा.
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