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अहमदाबाद में नहीं थम रहीं आग की घटनाएं, फिर रसायन फैक्टरी में उठा धुआं

इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है. (सांकेतिक फोटो)
इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ है. (सांकेतिक फोटो)

बीती 4 नवंबर को अहमदाबाद के ही पिराना इलाके में एक केमिकल यूनिट में आग लग गई थी. इस घटना में दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. इसके बाद गुजरात सरकार ने सभी फैक्ट्रियों के लिए लाइसेंस लेने का फैसला किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 9, 2020, 10:30 AM IST
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अहमदाबाद. गुजरात के अहमदाबाद शहर में मंगलवार रात एक एक रसायन फैक्टरी (Ahemdabad Factory Fire) में आग लग गई. दमकल विभाग के एक अधिकारी की तरफ से यह जानकारी मिली है. अच्छी खबर है कि इस घटना में किसी भी जनहानि की कोई सूचना नहीं है. आग इतनी भीषण थी कि दमकल की 40 गाड़ियों ने कड़ी मेहनत के बाद इस पर 4 घंटे में काबू पाया. फिलहाल आग के कारणों का पता नहीं लग पाया है.

रविवार को ही हुई थी एक और घटना
दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया कि यहां के वातवा औद्योगिक क्षेत्र में रसायन फैक्टरी (Chemical Factory) में मंगलवार देर रात करीब एक बजे आग लग गई. अहमदाबाद में इसी तरह की एक घटना रविवार को भी घटी थी. शहर के बापूनगर इलाके में स्थित एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आग लगने से करीब 20 दुकानों को नुकसान पहुंचा था. अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि तीन मंजिला भवन में पहले फ्लोर पर मौजूद एक चाय की गाड़ी में आग लगने की वजह से यह घटना हुई. अहमदाबाद के अलावा देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में भी आगजनी हुई थी. यहां के लालबाग क्षेत्र में एक रिहायशी भवन मे हुई इस घटना में 16 लोग घायल हो गए थे.

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गुजरात सरकार ने जरूरी किया था एनओसी सर्टिफिकेट


बीती 4 नवंबर को अहमदाबाद के ही पिराना इलाके में एक केमिकल यूनिट में आग लग गई थी. इस घटना में दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. इसके बाद गुजरात सरकार ने सभी फैक्ट्रियों के लिए लाइसेंस लेने का फैसला किया था. नई या पुरानी फैक्ट्रियों को अग्निशमन विभाग से एनओसी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया था.

राज्य सरकार की तरफ से गठित कमेटी ने पिराना में हुई इस घटना के बाद 1564 केमकल यूनिट्स का निरीक्षण किया था. इसके बाद यह साफ किया गया था कि किसी भी फैक्ट्री को फायर एनओसी नहीं होने पर फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत लाइसेंस नहीं मिलेगा. इस कमेटी में श्रम और रोजगार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विपुल मित्र, एसीएस शहरी विकास विभाग के मुकेश पुरी और गुजरात पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के संजीव कुमार शामिल थे.

(भाषा इनपुट के साथ)
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