आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, शशिकला की 1,600 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त

आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, शशिकला की 1,600 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति जब्त
शशिकला की 1,600 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

आयकर विभाग ने (Income Tax Depatment) शशिकला (VK Sasikala) की 1600 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति को जब्त किया है. विभाग ने 2017 में बड़े पैमाने पर छापे मारे थे और इन परिसंपत्तियों के बारे में दस्तावेज बरामद किए गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2019, 9:36 AM IST
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नई दिल्ली. आयकर विभाग (Income Tax Depatment) ने बड़ी कारवाई करते हुए तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता (J Jayalalithaa) की सहयोगी वी के शशिकला (VK Sasikala) की 1600 करोड़ की बेनामी सम्पत्ति को जब्त किया है. आधिकारियों ने इस बात की जानकारी मंगलवार को दी. शशिकला पिछले 4 सालों से कर्नाटक के परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में हैं.

नोटबंदी के दौरान खरीदी थीं ये संपत्तियां
अधिकारियों ने बताया कि शशिकला ने चेन्नई, पुदुचेरी और कोयम्बटूर में संपत्तियों को फर्जी नामों से ले रखा था. इन संपत्तियों का मूल्य 1500 करोड़ रूपये था, जिन्हें शशिकला ने नवबंर 2016 में नोटबंदी के दौरान खरीदा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को 8 नवंबर 2016 को पूरे देश में बंद कर दिया था, जिसके तुरंत बाद शशिकला ने विमुद्रीकृत (Demonetized) नोटों का उपयोग करके इन संपत्तियों को खरीदा.

आय से अधिक संपत्ति का है आरोप
अधिकारियों ने कहा कि शशिकला के खिलाफ बेनामी संपत्ति लेनदेन अधिनियम, 1988 की धारा 24 (3) के तहत कुर्की का अस्थायी आदेश जारी किया गया है. कर विभाग ने शशिकला और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ वर्ष 2017 में बड़े पैमाने पर छापे मारे थे और इन परिसंपत्तियों के बारे में दस्तावेज बरामद किए गए थे. वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बेंगलुरु की जेल में बंद हैं.



संपत्तियों का हुआ था नकद लेने-देन
अधिकारियों ने बताया कि इन परिसंपत्तियों को खरीदने के लिए नकद भुगतान किया गया था और निष्पादन का काम दोनों पक्षों के बीच ‘समझौता ज्ञापन’ पर हस्ताक्षर के जरिये किया गया. जबकि नोटबंदी के दौरान नगद लेन-देन पर रोक थी. विगत दिनों में इस मामले के संबंध में कर अधिकारियों द्वारा उनसे इस बारे में पूछताछ की गई थी.

शशिकला पर थे ये आरोप
दिसंबर 2016 में जयललिता की मृत्यु के बाद अन्नाद्रमुक पार्टी की बागडोर संभालने वाली शशिकला को बाद में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले खेमे ने पार्टी से निकाल दिया था. 2011 में शशिकला पर जयललिता को धीमा जहर देकर मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा था. जिसके चलते शशिकला से पूछताछ भी हो चुकी है.

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