15 अगस्त को लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने की साजिश, इनाम किया घोषित

15 अगस्त को लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने की साजिश, इनाम किया घोषित
आईबी से इस तरह का अलर्ट मिलने के बाद लाल किले और इसके आसपास की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है.

IB alert delhi red fort khalistan flag: सिख फॉर जस्टिस की अगुआई वाले आकाओं में से एक ने लाल किले पर 14, 15 और 16 अगस्त के दिन खालिस्तान का झंड़ा फहराने वाले सिख को सवा लाख डॉलर देने का ऐलान किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 4:29 PM IST
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नई दिल्ली. स्वतंत्रता दिवस (Independence day 2020) यानी 15 अगस्त के मद्देनजर खुफिया एजेंसी (IB) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है. आईबी की ओर से कहा गया है कि खालिस्तान (Khalistan flag) की मांग करने वाले सिख फॉर जस्टिस की अगुआई वाले आकाओं में से एक ने लाल किले (Red Fort) पर 14, 15 और 16 अगस्त के दिन खालिस्तान का झंड़ा फहराने वाले सिख को सवा लाख डॉलर देने का ऐलान किया है.

इसके लिए सिख फॉर जस्टिस की ओर से एक वीडियो भी अपलोड किया गया है. वीडियो में खालिस्तानी झंडे को लाल किले पर लगाने का ऐलान किया है. वीडियो में सिख फॉर जस्टिस के आकाओं को कहते सुना जा सकता है कि जो भी सिख लाल किले पर खालिस्तान का झंड़ा लगाएगा उसे सवा लाख डॉलर दिया जाएगा. आईबी से इस तरह का अलर्ट मिलने के बाद लाल किले और इसके आसपास की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. भारतीय सेना और दिल्ली पुलिस लाल किले के चारों ओर तैनात पूरी तरह से तैनात है.

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आईएसआई द्वारा पहुंचाई जाती है इन लोगों को मदद
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खालिस्तान समर्थकों को पाकिस्तानी ISI द्वारा कई तरह की मदद पहुंचाई जाती है. सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख गुरुवंतपंत पन्नू है. यही नहीं गुरुवंतपंत पन्नू वही शख्स है जो दुनियाभर में रेफरेंडम 2020 चला रहा है.

त्रासदी की याद दिलाता है ये दिन
सिख फॉर जस्टिस के सुप्रीमो गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से जारी किए गए वीडियो में कहा गया है कि 15 अगस्त का दिन सिखों  के लिए स्वतंत्रता दिवस का दिन नहीं है. ये दिन सिखों को 1947 में हुए बंटवारे के समय हुई त्रासदी की याद दिलाता है. वीडियो में पन्नू आगे बोलता हुआ नजर आ रहा है कि आज भी हमारे लिए कुछ भी नहीं बदला है. बदले हैं तो केवल शासक. हम अभी भी भारतीय संविधान में हिंदू के रूप में दर्ज हैं और पंजाब के संसाधनों का इस्‍तेमाल अन्‍यायपूर्ण तरीके से अन्‍य राज्‍यों के लिए किया जा रहा है. हमें वास्‍तविक स्‍वतंत्रता की जरूरत है.
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