PM मोदी से की अपील-देश को समर्पित करें वंदे मातरम का स्पेशल प्रोडक्‍शन, मिला ये जवाब

PM मोदी से की अपील-देश को समर्पित करें वंदे मातरम का स्पेशल प्रोडक्‍शन, मिला ये जवाब
प्रधानमंत्री ने वंदे मातरम के स्‍पेशल प्रोडक्‍शन पर प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ एल सुब्रह्मण्यम को जवाब दिया है.

74th Independence Day: देश के प्रसिद्ध वायलिन वादक डॉ एल सुब्रह्मण्यम ने वंदे मातरम (Vande Mataram) का स्पेशल प्रोडक्‍शन ट्वीट करके कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) खुद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे इस खास प्रोडक्‍शन 'वंदे मातरम' को देश को समर्पित करें. इसपर प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतरीन कार्य.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 10:35 PM IST
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नई दिल्‍ली. आज पूरा देश 74वें स्‍वतंत्रता दिवस (74th Independence Day) का जश्‍न मना रहा है. साथ ही देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्‍यौछावर करने वाले शहीदों को भी याद किया जा रहा है. हर तरफ देशभक्ति के गानों की धुन सुनाई दे रही है. इस बीच 'वंदे मातरम' (Vande Mataram) का एक गाना काफी वायरल हो रहा है. जिसपर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी प्रतिक्रिया दी है. इसमें हेमा मालिनी, मोहनलाल, जूही चावला, एसपीबी, कविता कृष्‍णमूर्ति और अन्‍य कई सिंगर और फिल्‍म जगत की अन्‍य हस्तियों ने अपनी आवाज दी है.

भारत के प्रसिद्ध वायलिनवादक डॉ एल सुब्रह्मण्यम ने इस गाने को ट्वीट करते हुए कैप्‍शन लिखा, 'हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमारे इस खास प्रोडक्‍शन 'वंदे मातरम' को देश को समर्पित करें.' इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, बेहतरीन कार्य! वंदे मातरम हमेशा ही भारतीयों के साथ एक अलग भावनात्मक जुड़ाव रखता है. आशा है भविष्य में भी ये हमें प्रेरणा देता रहेगा.'


प्रधानमंत्री ने कहा, विश्व अर्थव्यवस्था में योगदान बढ़ाने के लिये सशक्त, आत्मनिर्भर भारत जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आत्मनिर्भर भारत की अपनी परिकल्पना को विश्व-कल्याण से जोड़ते हुए 'मेक इन इंडिया' के साथ 'मेक फार वर्ल्ड' का नया नारा दिया जिसमें देश को वैश्विक विनिर्माण और आपूर्ति के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभारने का संकल्प जताया गया है. मोदी ने आर्थिक नीतियों में सुधार, कारोबार की सुगमता और अर्थव्यवस्था को आधुनिकता की तरफ तेज गति से ले जाने के लिये 110 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजना पाइपलाइन (एनआईपी) तैयार किये जाने जैसे सरकार की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आत्मनिर्भर बनने के लिए आज जरूरी आत्म विश्वास से भरा हुआ है.



पीएम मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनियां आज भारत की तरफ देख रही हैं. सरकार ने एक के बाद एक, एक दूसरे से जुड़े जो सुधार किये हैं उसके परिणाम दिख रहे हैं और यही वजह है कि बीते वर्ष भारत में एफडीआई ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिये. बीते वर्ष देश में एफडीआई में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. कंपनियों ने कोराना संकट के दौरान भी भारत में भारी पूंजी निवेश किया है. भारत में उनका विश्वास बढ़ा है.

पीएम मोदी ने यह बात ऐसे समय कही है जब चीन के बदलते तेवरों को देखते हुए दुनिया आपूर्ति के नए भरोसेमंद केंद्र की तलाश कर रही है. प्रधानमंत्री ने कहा, 'जब हम आत्मनिर्भर की बात करते हैं तो दुनिया को उत्सुकता भी है, भारत से अपेक्षा भी है ... और इसलिये हमें उस अपेक्षा को पूरा करने के लिये अपने- आप को योग्य बनाना, तैयार करना बहुत आवश्यक है. आत्मनिर्भर भारत की पहली शर्त होती है -- आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत .. उसकी यही नींव होती है .. और यही विकास को नई गति, नई ऊर्जा देने का सामर्थ्य रखती है.'
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