भारत शांति का ‘पुजारी’ है लेकिन आक्रामकता का जवाब देने में सक्षम है : राजनाथ

राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अरुणाचल प्रदेश में 12 सामरिक सड़कों को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक शांति का ‘‘पुजारी’’ है, लेकिन यह आक्रामक कार्रवाईयों का करारा जवाब देने में सक्षम है. सिंह ने कहा कि सामरिक सड़कों से न केवल संपर्क को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास सुरक्षा बल तेजी से आवाजाही कर सकेंगे.

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    किमीन (अरुणाचल प्रदेश). रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत वैश्विक शांति का ‘‘पुजारी’’ है, लेकिन यह आक्रामक कार्रवाईयों का करारा जवाब देने में सक्षम है. उन्होंने यहां 12 सामरिक सड़कों को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति एवं धैर्य में किसी भी तरह की गंभीर गड़बड़ी के घातक परिणाम होंगे.

    राजनाथ सिंह ने कहा कि सामरिक सड़कों से न केवल संपर्क को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास सुरक्षा बल तेजी से आवाजाही कर सकेंगे. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘पहाड़ी एवं दुर्गम इलाकों में चुनौतियों के बावजूद विश्वस्तरीय सड़कों के निर्माण में सीमा सड़क संगठन की क्षमता ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र को दर्शाता है.’’

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    आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए हिस्सा ले रहे भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है. राजनाथ सिंह ने कहा, 'आतंकवाद और कट्टरपंथ विश्‍व की शांति और सुरक्षा के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं हैं.'

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    रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के सदस्य के रूप में, भारत हर समय आतंकवाद को जड़ से खत्‍म करने के लिए वचनबद्ध है. भारत हिंद-प्रशांत के लिए साझा दृष्टिकोण के कार्यान्वयन के लिए आसियान के नेतृत्व वाले तंत्र के उपयोग का समर्थन करता है.

    आतंकवाद से लगातार मुकाबला कर रहे भारत की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आपसी सहयोग से ही आतकंवादी संगठनों को और उनके नेटवर्क को बाधित किया जा सकता है. उन्‍होंने कहा कि दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के साथ भारत का जुड़ाव नवंबर 2014 में पीएम मोदी द्वारा घोषित 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' पर आधारित है.

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