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india achieves 200 crore covid 19 vaccinations milestone in 18 months look at timeline of this world record dpk

कोरोना टीकाकरण में मील का पत्थरः 18 महीने में 200 करोड़ डोज, देखें भारत ने कैसे बनाया विश्व कीर्तिमान

भारत ने 16 जनवरी 2021 को अपना कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया था.

भारत ने 16 जनवरी 2021 को अपना कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया था.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है. इस बीच, लगभग 90 प्रतिशत आबादी टीके की दोनों डोज ले चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 15 से 18 वर्ष की आयु के 68 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण पूरा हो चुका है, जबकि 82 प्रतिशत को टीके की पहली खुराक लग चुकी है. 12-14 वर्ष के आयु वर्ग के 81 प्रतिशत बच्चों ने कोरोनो वैक्सीन का कम से कम एक शॉट लिया है, जबकि 56 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है.

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हाइलाइट्स

कोविशील्ड की 160 करोड़, कोवैक्सीन की 33.5 करोड़, कॉर्बेवैक्स की 6.5 करोड़ खुराक दी गई
भारत ने बहुत पहले ही पूरे यूरोप को पीछे छोड़ दिया था, जहां टीकाकरण की संख्या 130 करोड़ है
भारत ने बीते 18 महीनों में लगभग 233 करोड़ कोरोना वायरस वैक्सीन की खुराक का उत्पादन किया

नई दिल्ली: भारत ने रविवार को अपने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत 200 करोड़ COVID-19 वैक्सीन खुराक लगाने का मील का पत्थर हासिल किया, जो पिछले साल 16 जनवरी से शुरू हुआ था. भारत को इस दुर्लभ मील के पत्थर तक पहुंचने में केवल 18 महीने से थोड़ा अधिक समय लगा. आइए भारत के कोविड टीकाकरण अभियान की समय-सीमा पर एक नजर डालें…

16 जनवरी, 2021: डीसीजीआई की ओर से सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सिन टीके को आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमति दिए जाने के बाद, भारत ने 16 जनवरी 2021 को अपना कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया. इसके तहत सबसे पहले डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ का टीका लगाया गया.

2 फरवरी, 2021: केंद्र ने फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण भी शुरू किया. यानी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा पुलिसक​र्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाईकर्मियों, सैनिकों इत्यादि का टीकाकरण शुरू हुआ.

1 मार्च, 2021: 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ. इस बीच, 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के अन्य बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए टीकाकरण अभियान भी शुरू हो गया.

1 अप्रैल, 2021: 45 से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू हो गया. यानी देश का कोई भी नागरिक जो 45 या उससे अधिक आयु का है, टीकाकरण करा सकता था.

1 मई, 2021: 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए टीकाकरण शुरू हुआ. यानी 18 की आयु से ऊपर के सभी नागरिक कोरोना का टीका लगवाने के लिए एलिजिबल थे.

3 जनवरी 2022: 15-18 आयु वर्ग के किशोरों के लिए टीकाकरण शुरू होने के साथ ही टीकाकरण अभियान का विस्तार हुआ.

10 जनवरी 2022: भारत ने स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर्स, 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए कोविड टीके की एहतियाती खुराक देना शुरू कर दिया है.

16 मार्च, 2022: 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू हुआ. इसके अलावा, कोमोरबिडिटी क्लॉज को हटा दिया गया, जिसने 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को COVID-19 टीकों की एहतियाती खुराक के लिए योग्य बना दिया.

10 अप्रैल, 2022: भारत ने 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को एहतियाती खुराक देना शुरू किया. यानी टीके की दो डोज ले चुके लोग तीसरी डोज लगवाने के लिए एलिजिबल थे.

17 जुलाई, 2022: भारत ने 200 करोड़ COVID-19 वैक्सीन खुराक लगाने का मील का पत्थर पार किया. यह यूरोप की पूरी आबादी से अधिक है.

Co-WIN पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत ने अब तक 2,00,00,00,0840 वैक्सीन खुराकें दी हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, लगभग 98 प्रतिशत वयस्क आबादी को कोविड टीके की कम से कम एक खुराक लग चुकी है. इस बीच, लगभग 90 प्रतिशत आबादी टीके की दोनों डोज ले चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 15 से 18 वर्ष की आयु के 68 प्रतिशत किशोरों का टीकाकरण पूरा हो चुका है, जबकि 82 प्रतिशत को टीके की पहली खुराक लग चुकी है. 12-14 वर्ष के आयु वर्ग के 81 प्रतिशत बच्चों ने कोरोनो वैक्सीन का कम से कम एक शॉट लिया है, जबकि 56 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है.

Tags: Coronavirus, India covid vaccination drive, Trending news

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