भारत-चीन के बीच कोर कमांडर लेवल की बातचीत शुरू, इन मांगों पर होगी बात

तनाव कम करने के लिए भारत-चीन के बीच कोर कमांडर लेवल की बातचीत शुरू (सांकेतिक तस्वीर)
तनाव कम करने के लिए भारत-चीन के बीच कोर कमांडर लेवल की बातचीत शुरू (सांकेतिक तस्वीर)

भारत (India) ने बैठक में चीन (China) के सामने एक बार फिर यथास्थिति बरकरार रखने की मांग दोहराई है. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन अपने सैनिकों को मई के पहले हफ्ते वाली जगह पर ले जाए.

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  • Last Updated: November 6, 2020, 12:27 PM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में भारत (India) और चीन (China) के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच सीमा विवाद (Border Dispute) बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करने के लिए सात बार कोर कमांडर लेवल की बैठक हो चुकी है लेकिन अभी तक सीमा विवाद को सुलझाने और शांति बनाए रखने को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका है. इसी कड़ी में आज एक बार फिर दोनों देश के बीच कोर कमांडर लेवल की बातचीत शुरू हो चुकी है. भारत ने बैठक में चीन के सामने एक बार फिर यथास्थिति बरकरार रखने की मांग दोहराई है. भारत की ओर से कहा गया है कि चीन अपने सैनिकों को मई के पहले हफ्ते वाली जगह पर ले जाए. वहीं चीन का कहना है कि जब तक भारत पैंगोंग लेक के दक्षिणी इलाके से पीछे नहीं हटता तब तक आगे की बात नहीं की जा सकती है.

बता दें ​कि भारत ने पैंगोंग लेक के दक्षिणी इलाके की चोटियों पर उस वक्त कब्जा कर लिया था जब​ चीन की सेना ने भारत की सेना को फिंगर 4 से आगे पेट्रोलिंग करने से मना कर दिया था. पैंगोंग में भारतीय सेना का कब्जा हो जाने के बाद से भारत की स्थिति काफी मजबूत हो गई है. यही कारण है चीन अब बौखलाया हुआ है भारत के सामने पैंगोंग लेक के इलाके को खाली करने की मांग कर रहा है.

चीन ने पिछली बार 12 अक्टूबर को हुई बातचीत के दौरान भारत के सामने इस मांग को रखा था जिसे भारत ने मना ​कर दिया था. भारत-चीन के बीच गंभीर तनाव को देखते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल में कहा था कि भारत और चीन के बीच गंभीर तनाव है तथा सीमा प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों द्वारा किए गए समझौतों का सम्मान किया जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर यथास्थिति में परिवर्तन का कोई भी एकतरफा प्रयास 'अस्वीकार्य' है.
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सर्दियों के लिहाज से भी जरूरी है चर्चा
शुक्रवार की सुबह होने जा रही यह बैठक सर्दियों के लिहाज से भी काफी जरूरी मानी जा रही है. यहां तापमान लगातार गिर रहा है और आने वाले एक हफ्ते में लद्दाख के सेना के जवानों से भरे इलाकों में बर्फबारी भी शुरू हो जाएगी. ऐसे में दोनों देशों की सेनाओं के लिए चुनौतियां बढ़ जाएंगी. सूत्रों की मानें तो चीन की तरफ से एक प्रपोजल भारतीय सेना को दिया गया था, जिसमें ये कहा गया था की पैंगाग के फिंगर एरिया में चीन फिंगर 5 तक रहेगा और वो फिंगर 4 तक वह पेट्रोलिंग करेगा. वहीं भारत की सेना फिंगर 3 पर रहेगी और वह सिर्फ फिंगर 4 तक की पेट्रोलिंग करेगी.
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