Home /News /nation /

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका के ट्रायल पर टिकी हैं भारत और ब्रिटेन की नजरें, जनवरी तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजैनेका के ट्रायल पर टिकी हैं भारत और ब्रिटेन की नजरें, जनवरी तक वैक्सीन मिलने की उम्मीद

वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल में 40 हजार वॉलंटियर हिस्सा ले रहे हैं. 22 हजार वॉलंटियर्स को पहला डोज दिया गया. 19 हजार से ज्यादा लोगों को पहला और दूसरा दोनों डोज दिए गए. उनमें अब तक खतरे वाली कोई बात सामने नहीं आई है. वॉलंटियर्स की मॉनिटरिंग अब भी जारी है. शरुआत में इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान वॉलंटियर्स को उलटी और सिरदर्द की शिकायत हुई थी.

वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल में 40 हजार वॉलंटियर हिस्सा ले रहे हैं. 22 हजार वॉलंटियर्स को पहला डोज दिया गया. 19 हजार से ज्यादा लोगों को पहला और दूसरा दोनों डोज दिए गए. उनमें अब तक खतरे वाली कोई बात सामने नहीं आई है. वॉलंटियर्स की मॉनिटरिंग अब भी जारी है. शरुआत में इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान वॉलंटियर्स को उलटी और सिरदर्द की शिकायत हुई थी.

ऑक्सफोर्ड वैक्सीन (Oxford Vaccine) के मुख्य जांच अधिकारी एंड्रयू पोलार्ड ने बताया कि उन्हें आशा है कि इस साल के अंत से पहले ट्रायल्स के नतीजे आ जाएंगे. अगर रिजल्ट सही रहे तो उनकी समीक्षा लंदन के ड्रग रेग्युलेटर्स (Drug Regulators) करेंगे.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) से निपटने के लिए दुनियाभर में 200 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है, लेकिन सभी की नजरें ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजैनेका (Oxford and AstraZeneca vaccine) की वैक्सीन पर टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि यह वैक्सीन (Vaccine) की रेस में सबसे आगे चल रही है और इस साल के अंत तक इसके तीसरे ट्रायल के नतीजे सामने आ सकते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अगर संकेत पॉजिटिव रहे, तो ब्रिटेन दिसंबर या 2021 की शुरुआत में वैक्सीन जनता के लिए उपलब्ध कर सकता है. उम्मीद की जा रही है कि भारत भी ट्रायल के नतीजों का इंतजार कर रहा है. अगर सब कुछ सही रहा तो भारत भी ब्रिटेन के कदमों पर चल सकता है.

    ड्रग रेग्युलेटर्स से अनुमति का है इंतजार
    रॉयटर्स से बात करते हुए ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के मुख्य जांच अधिकारी एंड्रयू पोलार्ड ने बताया कि उन्हें आशा है कि इस साल के अंत से पहले ट्रायल्स के नतीजे आ जाएंगे. अगर रिजल्ट सही रहे तो उनकी समीक्षा लंदन के ड्रग रेग्युलेटर्स करेंगे. इसके बाद राजनीतिक फैसला तय करेगा कि वैक्सीन जनता तक कब तक पहुंचेगी.

    फाइजर और बायोएनटेक की वैक्सीन के साथ ही रेग्युलेटरी अनुमति पाने वाली वैक्सीन में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजैनेका की वैक्सीन का नाम भी शामिल है. खास बात है कि ट्रायल में शामिल वॉलंटियर्स में इस वैक्सीन की इम्यून प्रतिक्रिया काफी अच्छी रही थी. अगर ब्रिटेन इस वैक्सीन को अनुमति दे देता है, तो भारत में भी जनवरी में इसे अप्रूवल मिल सकता है. इंडिया टुडे से बात करते हुए सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने कहा था कि जनवरी में भारत में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन के ट्रायल पूरे होने की बड़ी संभावना है.

    ऑस्ट्रेलिया ने साइन की दो और वैक्सीन डील
    रॉयटर्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया ने नोवावैक्स के 4 करोड़ और फाइजर और बायोएनटेक के 1 करोड़ डोज खरीदने के लिए डील साइन की है. इससे पहले भी ऑस्ट्रेलिया सितंबर में एस्ट्राजैनेका और सीएसएल लिमिटेड के साथ करीब 8.5 करोड़ डोज की डील साइन कर चुका है.

    Tags: Britain, Corona vaccine, India, Oxford AstraZeneca vaccine, Vaccine trials

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर