भारत ने WTO से कोरोना की दवाओं पर मांगी ये छूट

कोरोना की दवा और वैक्‍सीन को लेकर की गई मांग.
कोरोना की दवा और वैक्‍सीन को लेकर की गई मांग.

भारत ने विश्‍व व्‍यापार संगठन (WTO) से कहा है कि विकासशील देशों के लिए कोविड 19 दवाओं (Covid 19 vaccine) के निर्माण और उनके आयात को सरल बनाने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों (इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स) को माफ करे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 7:12 AM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. दुनिया भर में कोरोना वायरस की दवाएं (Coronavirus Drugs) और वैक्‍सीन विकसित करने के लिए युद्धस्‍तर पर काम चल रहा है. इस बीच भारत ने विश्‍व व्‍यापार संगठन (WTO) से कहा है कि विकासशील देशों के लिए कोविड 19 दवाओं (Covid 19 vaccine) के निर्माण और उनके आयात को सरल बनाने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों (इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स) को माफ करे. इस संबंध में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने डब्‍ल्‍यूटीओ को पत्र भी लिखा है.

दो अक्टूबर को लिखे गए अपने पत्र में दोनों देशों ने डब्‍ल्‍यूटीओ से इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के व्यापार-संबंधित पहलुओं पर समझौते (Trips) के हिस्‍से में छूट देने का आह्वान किया है. यह वैश्विक स्तर पर पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और अन्य इंटेलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी रूल्‍स बौद्धिक संपदा नियमों को नियंत्रित करता है.

डब्‍ल्‍यूटीओ की वेबसाइट पर प्रकाशित पत्र में कहा गया है कि नए डायग्‍नोस्टिक के रूप में कोरोना वायरस के लिए मेडिकल व्‍यवस्‍था और वैक्‍सीन विकसित किए गए हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में कई तरह की महत्वपूर्ण चिंताएं भी हैं. जैसे कि ये कैसे जल्‍दी पर्याप्त मात्रा में और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराई जाएंगी. दोनों देशों ने कहा कि विकासशील देश महामारी से प्रभावित हैं और पेटेंट सहित बौद्धिक संपदा अधिकार सस्ती दवा के प्रावधान में बाधा बन सकते हैं.

पत्र में डब्‍ल्‍यूटीओ काउंसिल से ट्रिप्‍स के लिए कहा गया है कि जनरल काउंसिल जितनी जल्दी हो सके छूट की सिफारिश करती है. जनरल काउंसिल जेनेवा में डब्‍ल्‍यूटीओ के निर्णय लेने वाला मुख्‍य अंग है. हालांकि पत्र में यह नहीं कहा गया है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका को और कितने देशों का समर्थन प्राप्‍त है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज