दिल्ली हिंसा: भारत ने कहा- तुर्की और ब्रिटिश मंत्री का बयान राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित

दिल्ली हिंसा: भारत ने कहा- तुर्की और ब्रिटिश मंत्री का बयान राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार की फाइल फोटो

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने कहा कि तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन (Recep Tayyip Erdoğan) की टिप्पणियां "तथ्यात्मक रूप से गलत" हैं और उनके "राजनीतिक एजेंडे" से प्रेरित हैं.

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नई दिल्ली. भारत ने दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) पर "गैर जिम्मेदाराना" टिप्पणी को लेकर तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन (Recep Tayyip Erdoğan)और ब्रिटेन के कनिष्ठ मंत्री निजेल एडम्स पर गुरुवार को हमला बोला.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (Raveesh Kumar) ने कहा कि एर्दोआन की टिप्पणियां "तथ्यात्मक रूप से गलत" हैं और उनके "राजनीतिक एजेंडे" से प्रेरित हैं. गत सप्ताह, तुर्की के राष्ट्रपति ने दिल्ली में हिंसा को लेकर भारत की निंदा की थी और इसे "मुसलमानों का कत्लेआम" करार दिया था.

भारत ने भेजा था आपत्ति पत्र
कुमार ने कहा कि भारत ने मंगलवार को दिल्ली में तुर्की के राजदूत के समक्ष मामले को उठाते हुए कड़ा आपत्तिपत्र भेजा था. उन्होंने कहा, "टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत हैं और उनके (एर्दोआन) राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित हैं. हम किसी राष्ट्र प्रमुख से ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयानों की उम्मीद नहीं करते."
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संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के उच्चतम न्यायालय से संपर्क करने पर कुमार ने कहा कि मुद्दे पर निर्णय करना अब शीर्ष अदालत का काम है.

सामान्य हो रही है दिल्ली की स्थिति
दिल्ली हिंसा पर एडम्स की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि राजधानी में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और कानून प्रवर्तन एजेंसियां विश्वास बहाली और कानून व्यवस्था की स्थिति सुनिश्चित रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ कर रही हैं. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने शांति एवं भाईचारे के लिए अपील की है. वरिष्ठ अधिकारियों ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है, शांति समितियां गठित की गई हैं और इस दिशा में अन्य कदम उठाए गए हैं."

कुमार ने कहा, "इस संवेदनशील समय में, हम लोगों से आग्रह करेंगे कि वे गैर जिम्मेदाराना टिप्पणियां न करें और मामले पर चुनिंदा तथा अप्रमाणित विमर्श से प्रभावित न हों." ब्रिटेन के विदेश एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) में राज्य मंत्री एडम्स ने बुधवार को कहा था कि ब्रिटेन सरकार भारत में सीएए के संभावित प्रभाव को लेकर चिंतित है.

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