अपनी धरती को भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा बांग्लादेश

भारत-बांग्लादेश सीमा पर इस साल मात्र 11 लाख रुपये के जाली नोट पकड़े गए हैं. भारत ने जहां सीमा चौकसी बढ़ाई है तो बंग्लादेश सरकार ने सीमा पर डिटेक्टिंग मशीन लगाई है.

अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 6:05 PM IST
अपनी धरती को भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा बांग्लादेश
शेख हसीना, प्रधानमंत्री बांग्लादेश (File Photo)
अमित पांडेय
अमित पांडेय | News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 6:05 PM IST
भारत की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की सालाना बैठक में बांग्लादेश ने ये साफ कर दिया है कि वो अपनी जमीन को भारत के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा. इसकी शुरुआत जाली करेंसी की तस्करी में कमी से हुई है. नोटबंदी के बाद जाली नोटों की तस्करी में भारी कमी आई. इसके लिए भारत ने बांग्लादेश की भूमिका को सराहा है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर इस साल मात्र 11 लाख रुपये के जाली नोट पकड़े गए हैं. भारत ने जहां सीमा चौकसी बढ़ाई है तो बांग्लादेश सरकार ने सीमा पर डिटेक्टिंग मशीन लगाई है.

दोनों देशों की सीमा पर क्राइम फ्री जोन बनेंगे, जिसके लिए ये देखना है कि कौन से इलाके ज्यादा क्राइम प्रोन हैं. कुल छह बीएसएफ फ्रंटियर हैं, हर फ्रंटियर में एक क्राइम फ्री जोन बनेगा. इसी तरीके से बांग्लादेश भी अपनी सीमा में क्राइम फ्री जोन बनाएगा. ये वो इलाके होंगे जहां आम जनता की आवाजाही होगी और सुरक्षाबलों की मौजूदगी बेहद कम होगी.

दोनों देशों के बीच स्मार्ट फेंसिग भी जल्द ही शुरू होगी. वैसे तो पहला प्रोजेक्ट स्मार्ट फेंसिग का जम्मू में काम कर रहा है जिसका 17 सितंबर को  उद्घाटन होगा. लेकिन भारत-बंग्लादेश सीमा पर ब्रह्मपुत्र नदी के पास घुबरी, असम में इस्टर्न इलाके में इसकी शुरुआत होगी. 27 सितंबर को ये शुरू किया जाएगा.  इस टेक्निकल सोल्यूशन को फेज वाइज शुरू किया गया है जिसका पहला चरण शुरू हो रहा है. सरकार की योजना है कि दो तीन साल में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए.

जहां तक रोहिंग्या घुसपैठियों का सवाल है तो भारत-बंग्लादेश सीमा पर भारी तादात में रोहिंग्या शरणार्थी मौजूद हैं. समय-समय पर इन्होंने भारत में घुसने की कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया. बीएसएफ ने रोहिंग्या घुसपैठियों को रोका है जिसे वह बड़ी सफलता मानती है. वहीं बंग्लादेश ने भी ये दावा किया है कि किसी रोहिंग्या शरणार्थी को वो अपने देश में नहीं घुसने दे रही है. भारत-बंग्लादेश के बीच आपसी संबध बेहद अच्छे दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में बीएसएफ और बीजीबी की ये कोशिशें इस रिश्ते को नई उड़ान जरूर देंगी.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर