अपना शहर चुनें

States

कोरियाई कंपनी के रैपिड एंटीजन टेस्ट किट में मिली खामी, 7 दिन का लगा बैन

सीडीएससीओ का कहना है कि कंपनी सेंसिटिविटी और स्पेशिफिशिटी को लेकर न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाम रही है.
सीडीएससीओ का कहना है कि कंपनी सेंसिटिविटी और स्पेशिफिशिटी को लेकर न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाम रही है.

CDSCO ने कंपनी को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना कंपनी का आयात लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाए. कम सेंसिटिविटी वाले रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से जांच में पॉजिटिव मरीजों के निगेटिव आने की संभावना ज्यादा होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 20, 2020, 5:30 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दक्षिण कोरिया की कंपनी एसडी बॉयोसेंसर्स पर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने 7 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. कंपनी से रैपिड एंटीजन टेस्ट किट के आयात, बिक्री और वितरण पर ये बैन लागू रहेगा. सीडीएससीओ का कहना है कि कंपनी सेंसिटिविटी और स्पेशिफिशिटी को लेकर न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने में नाकाम रही है. इस फैसले के साथ ही सीडीएससीओ ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों ना कंपनी का आयात लाइसेंस कैंसिल या सस्पेंड कर दिया जाए.

बता दें कि भारत में बिक्री और इस्तेमाल के लिए किसी भी रैपिड एंटीजन टेस्ट किट को न्यूनतम 95 फीसदी स्पेसिफिशिटी और 50 फीसदी सेंसिटिविटी के मानकों पर खरा उतरना होता है. इसके बाद ही किट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ओर से अप्रूवल दिया जाता है.कंपनी ने कहा था कि सैंपल कलेक्शन और प्रक्रियागत कारणों के चलते एंटी जन टेस्ट किट मानकों पर खरे नहीं उतर पाए.

इसके बाद तुरंत ही सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर को एक नोटिस भेजकर विशेष बैच नंबर के सभी किट्स को इस्तेमाल ना करने का निर्देश दिया गया. इन सभी किट में 7 दिसंबर को खामियां पाई गई थीं, हिंदुस्तान टाइम्स ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है. आदेश में कहा गया है, "सार्वजनिक हित में, ड्रग्स और कास्मेटिक्स एक्ट एंड रूल्स के मुताबिक निर्देश दिया जाता है कि स्टैंडर्ड क्यू कोविड-19 एंटीजन टेस्ट को वापल लें और इस बारे में सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स को सूचित करें, जिन्हें सप्लाई दी गई और बताएं किट का प्रयोग तत्काल प्रभाव से रोकें."साथ ही आदेश में कंपनी को स्टैंडर्ड क्यू कोविड-19 एंटीजन टेस्ट किट का अगले सात दिनों तक आयात और वितरण ना करने का निर्देश दिया गया है.



बता दें कि मध्य जून में दिल्ली में कोरोना वायरस टेस्ट की संख्या बढ़ाने के लिए इस किट को आयात किया गया था. आईसीएमआर और एम्स के शुरुआती आकलन में किट में 99.3 फीसद से 100 प्रतिशत की स्पेशिफिसिटी के साथ 50.6 प्रतिशत से 84 प्रतिशत के बीच की सेंसिटिविटी पाई गई है.

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में लगभग 80 फीसदी टेस्ट रैपिड एंटीजन टेस्ट किट से किए जा रहे हैं, और दिल्ली सरकार को हाल ही आलोचना का सामना करना था, क्योंकि कम सेंसिटिविटी वाले किट का मतलब है कि वायरस पॉजिटिव व्यक्ति के निगेटिव आने की संभावना ज्यादा हो जाएगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज