पाक को अलग-थलग करने की कोशिश, भारत ने सबसे ताकतवर पांच देशों को दी जानकारी

भारत सरकार ने इस मामले में कठोर कदम उठाते हुए वैश्विक तौर पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की बात की.

News18Hindi
Updated: February 15, 2019, 10:34 PM IST
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Updated: February 15, 2019, 10:34 PM IST
पुलवामा के अवंतीपोरा के गोरीपोरा इलाके में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवान हमले में शहीद हो गए. इस घटना की जिम्मेदारी पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली. भारत सरकार ने इस मामले में कठोर कदम उठाते हुए वैश्विक तौर पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांगी की है.

भारत सरकार ने कहा कि पाकिस्तान को वैश्विक तौर पर अलग-थलग छोड़ने के लिए हर संभव रणनीतिक कदम उठाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों जिनमें चीन, गल्फ देश, जापान, यूरोपियन राष्ट्र शामिल हैं उनसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंक पर बातचीत की और पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाने पर जोर दिया.

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साथ ही भारत ने P5 देशों से भी इस बारे में बातचीत की. P5 संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों का समूह है जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और चीन शामिल हैं.



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सरकार ने पाकिस्‍तान को दुनिया में अलग-थलग करने की कोशिशों के साथ पाकिस्‍तान को आर्थिक मोर्चे पर घेरना शुरू कर दिया है. बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैठक में सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस वापस लेने का फैसला किया है.
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एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि पाकिस्‍तान से एमएफएन का दर्जा छिनने से आर्थिक तौर पर पाकिस्‍तान को कोई खास नुकसान नहीं होगा. लेकिन, इससे पाकिस्‍तान और दुनिया को सख्‍त संदेश जाएगा कि भारत आतंकवाद पर कठोर कदम अपना रहा है.

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पुलवामा हमले के बाद जहां अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े दिखे, वहीं चीन ने इस हमले पर पुराना राग छेड़ दिया. चीन ने आतंकी हमले की निंदा की और शहीदों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की, लेकिन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेररिस्ट लिस्ट में डालने से इनकार कर दिया है. चीन इस मामले में अपनी वीटो का इस्तेमाल कर मसूद अजहर को इस लिस्ट में डालने का विरोध कर चुका है.

पुलवामा हमले के बाद चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने बयान दिया कि आतंकी संगठनों को लिस्ट में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र की 1267 कमेटी के नियम साफ हैं जिसमें यह तय किया जाता है कि किसका नाम इस लिस्ट में रखा जाए और किसका नहीं. मतलब साफ है कि चीन नहीं चाहता कि मसूद अजहर का नाम आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल हो.

पाकिस्तान का कहना है कि वे इस हमले की निंदा करते हैं और उनका आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ कोई संबंध नहीं है.

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