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Nirmala Sitharaman Speech: 'सरकार किसानों के लिए समर्पित', वित्त मंत्री के कथन पर सदन में विपक्ष ने किया हंगामा

सरकार ने बुनियादी अवसंरचना के सृजन के जरिए आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये वित्त वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है.
सरकार ने बुनियादी अवसंरचना के सृजन के जरिए आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये वित्त वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय को 34.5 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया है.

India Budget 2021: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट पेश किया. इस बजट में कृषि को लेकर भी अहम ऐलान किए गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 1, 2021, 2:18 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को बजट (Budget 2021-22) पेश किया. इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र का भी जिक्र किया. वित्त मंत्री द्वारा खेती किसानी से जुड़े ऐलान के दौरान सदन में थोड़ी देर के लिए शोर शराबा हुआ. तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्षी दलों की नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री ने कहा, 'कृषि खरीद में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे किसानों को फायदा हो रहा है.' वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए कृषि अवसंचरना कोष उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि 2021-22 में कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया गया.

भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि धान के मामले में वर्ष 2013-14 में किसानों को कुल 63,928 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था जो वर्ष 2019-20 में बढ़कर 1,41,930 करोड़ रुपये हो गया. उन्होंने कहा कि गेहूं के मामले में वर्ष 2013-14 में किसानों को कुल 33,874 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था जो वर्ष 2019-20 बढ़कर 62,802 करोड़ रुपये हो गया.

मछली पालन को लेकर किया ऐलान
वित्त मंत्री ने कहा कि दाल के मामले में वर्ष 2013-14 में किसानों को कुल 263 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 10,530 करोड़ रुपये हो गया. सीतारमण ने कहा, 'मत्स्य पालन के लिए, हम आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में पांच प्रमुख बंदरगाह विकसित करेंगे. समुद्री शैवाल खेती एक उभरता हुआ क्षेत्र है जो तटीय नागरिकों के जीवन को बदल सकता है.'



सीतारमण ने कहा कि कृषि अवसंरचना कोष को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये , सूक्ष्म सिंचाई परियोजना कोष को दोगुना कर 10,000 करोड़ रुपये किया गया. बता दें वित्त मंत्री की ओर से यह घोषणाएं दिल्ली की सीमाओं पर हो रहे आंदोलन के बीच हुई.
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